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बेटे की जान बचाते-बचाते पिता की मौत, रामनगर की कोसी नदी में डूबे 45 वर्षीय खीम सिंह

रामनगर (नैनीताल): रामनगर की कोसी नदी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी। 45 वर्षीय खीम सिंह, देघाट निवासी, अपने परिवार के साथ 12 मई को ढिकुली क्षेत्र के पास कोसी नदी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 मई, 2025
बेटे की जान बचाते-बचाते पिता की मौत, रामनगर की कोसी नदी में डूबे 45 वर्षीय खीम सिंह

रामनगर (नैनीताल): रामनगर की कोसी नदी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी। 45 वर्षीय खीम सिंह, देघाट निवासी, अपने परिवार के साथ 12 मई को ढिकुली क्षेत्र के पास कोसी नदी में नहाने पहुंचे थे।

नहाते समय उनका बेटा अचानक नदी की तेज धारा में बहने लगा। बेटे को डूबते देख खीम सिंह ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी और बहादुरी दिखाते हुए अपने बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन इस दौरान वे खुद नदी की गहराई में बह गए और लापता हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रामनगर कोतवाल अरुण कुमार सैनी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू की गई। लेकिन अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को रात में रोकना पड़ा।

अगले दिन यानी 13 मई की सुबह एक बार फिर सर्च ऑपरेशन चलाया गया और कई घंटे की मशक्कत के बाद एसडीआरएफ की टीम ने खीम सिंह का शव नदी की गहराई से बरामद कर लिया।

इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

यह घटना एक पिता के अपने बेटे के लिए प्रेम और बलिदान की मिसाल बन गई है, लेकिन साथ ही कोसी नदी की खतरनाक धारा को लेकर भी चेतावनी देती है। गर्मी के मौसम में नदी किनारे जाने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

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