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भनियावाला–ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना में 3,000 पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक

भनियावाला से ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना में करीब 3,000 पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि जब तक स्थानीय लोगों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 जुल, 2026
भनियावाला–ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना में 3,000 पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक

भनियावाला से ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना में करीब 3,000 पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि जब तक स्थानीय लोगों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक सहमति नहीं बन जाती, तब तक पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी।

पिछले कुछ दिनों से इस परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों, पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने लगातार चिंता जताई थी। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी देहरादून दौरे के दौरान इस मुद्दे का उल्लेख किया था। वहीं, पर्यावरणविद् अनिल जोशी सहित कई विशेषज्ञों ने भी परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर सवाल उठाए थे।

यह सड़क परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित की जा रही एक महत्वपूर्ण अवसंरचना योजना है। परियोजना को उच्च न्यायालय के निर्देशों और आवश्यक कानूनी व पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा था।

वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परियोजना में लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष कल्वर्ट बनाने का भी प्रस्ताव है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष के साथ-साथ सड़क हादसों में कमी लाना है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं की अनदेखी कर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। इसी के तहत प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के साथ फिर से विस्तृत चर्चा करें।

सरकार का कहना है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरा सम्मान करते हुए आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जब तक सभी पक्षों के बीच विश्वास और सहमति का माहौल नहीं बनता, तब तक इस परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।

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