उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को आज प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राष्ट्रपति के हाथों प्रदान किया जाएगा। उन्हें पब्लिक अफेयर्स के क्षेत्र में लंबे, समर्पित और प्रभावशाली योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।
‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने अपना जीवन जनसेवा और समाज के गरीब एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय तक जुड़े रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा जाता है। वर्ष 1966 में उन्होंने पिथौरागढ़ में ‘सरस्वती शिशु मंदिर’ की स्थापना कर दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूती देने का काम किया। इसके अलावा विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक जीवन में भी भगत सिंह कोश्यारी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2008 में वे राज्यसभा सदस्य चुने गए और 2014 में नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद बने। इससे पहले वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।