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Goa Temple Stampede : लैराई यात्रा में भगदड़ से 7 की मौत, 50 से अधिक घायल — पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से की बात

Goa Temple Stampede : गोवा के लैराई देवी मंदिर में शुक्रवार देर रात हुए वार्षिक जुलूस के दौरान मची भीषण भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा पणजी से करीब 40 किलोमीटर दूर बिचोलिम तालुका के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 मई, 2025
Goa Temple Stampede : लैराई यात्रा में भगदड़ से 7 की मौत, 50 से अधिक घायल — पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से की बात

Goa Temple Stampede :  गोवा के लैराई देवी मंदिर में शुक्रवार देर रात हुए वार्षिक जुलूस के दौरान मची भीषण भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा पणजी से करीब 40 किलोमीटर दूर बिचोलिम तालुका के शिरगांव में घटित हुआ,

हर वर्ष मई महीने में आयोजित होने वाली लैराई यात्रा गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। ‘अग्निदिव्य’ (Fire Walking) इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होता है, जिसमें ‘धोंड्स’ नामक श्रद्धालु नंगे पैर जलते अंगारों पर चलकर देवी लैराई की कृपा पाने का प्रयास करते हैं।

इस बार यात्रा में 50,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए थे। तड़के करीब 4 से 4:30 बजे के बीच ढलान वाले रास्ते पर भीड़ का नियंत्रण बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं के पैर फिसलने से भगदड़ शुरू हुई। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि संभवतः एक बिजली के झटके ने भी भीड़ में दहशत फैलाई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

एक स्थानीय श्रद्धालु ने बताया, “यह पूरी तरह से अराजकता थी। लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे, चीख-पुकार मच गई थी और निकलने का कोई रास्ता नहीं था।”

राहत-बचाव कार्य जारी, पीएम मोदी ने जताया शोक

गोवा पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक जताया है और गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन को हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और नियंत्रण व्यवस्था का न होना अब प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन इंतजाम और मजबूत किए जाएं।

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