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उत्तराखंड में जोशीमठ में दरार के बाद टिहरी गढ़वाल में 12 साल बाद मंदिर से बाहर आई देवी दुध्याडी:

इधर टिहरी गढ़वाल जिले के पौनाडा गांव के मंदिर में 12 साल तक तपस्या करने के बाद दुध्याड़ी देवी भक्तों को दर्शन देने के लिए बाहर निकली हैं। टिहरी जिले के सैकड़ों गांव में करीब 37 दिन तक पैदल सफर करने के बाद बुधवार को दुध्याड़ी देवी उत्तरकाशी जिले की …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 जन, 2023
उत्तराखंड में जोशीमठ में दरार के बाद टिहरी गढ़वाल में 12 साल बाद मंदिर से बाहर आई देवी दुध्याडी:

इधर टिहरी गढ़वाल  जिले के पौनाडा गांव के मंदिर में 12 साल तक तपस्या करने के बाद दुध्याड़ी देवी भक्तों को दर्शन देने के लिए बाहर निकली हैं।

टिहरी जिले के सैकड़ों गांव में करीब 37 दिन तक पैदल सफर करने के बाद बुधवार को दुध्याड़ी देवी उत्तरकाशी  जिले की सीमा पर स्थित ब्रह्मपुरी गांव पहुंची।

जहां गाजणा पट्टी के गांव-गांव से सैकड़ों भक्तों की भीड़ दर्शन को उमड़ पड़ी।

दर्शन के समय भक्तों ने देवी का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत कर मन्नतें मांगी।

इस दौरान देवी ने पंचों को ब्रह्मपुरी में देवी का मंदिर बनाने की सहमति दी है।

उत्तरकाशी के प्रवेश द्वार के ब्रह्मपुरी गांव पहुंचने बाद दुध्याड़ी देवी की डोली यात्रा गांव भर में भक्तों के दर्शन के लिए गई. इसके बाद कमद गांव होते हुए सेम थाण्डी गांव पहुंची।

जहां रात्रि विश्राम के बाद पुनः कमद, कुमारकोट गांव होते हुए हरुनता बुग्याल, वायाली से किशनपुर, मानपुर, तिलोथ,जोशियाड़ा, ज्ञानसू होते हुए मकर संक्रांति के पर्व पर मणिकर्णिका घाट पर माघ मेले में गंगा स्नान करेगी।

इसके बाद देवी उत्तरकाशी बाजार में भक्तों को दर्शन देगी और उजेली होते हुए गाजणा पट्टी के दिखोली गांव, सिरी गांव होते हुए अपने मंदिर की तरफ बढ़ेगी।

जहां देवी भगवात महायज्ञ के बाद पुनः देवी 12 साल के लिए मंदिर में विराजमान हो जाएगी।

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