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हरिद्वार: अंकिता भंडारी और अवैध नशे के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, मदन कौशिक के आवास घेराव के दौरान कई कार्यकर्ता हिरासत में

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता स्थानीय विधायक मदन कौशिक के आवास का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस ने विधायक के आवास से कुछ दूरी पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जब कार्यकर्ताओं ने आगे …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 11 जन, 2026
हरिद्वार: अंकिता भंडारी और अवैध नशे के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, मदन कौशिक के आवास घेराव के दौरान कई कार्यकर्ता हिरासत में

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता स्थानीय विधायक मदन कौशिक के आवास का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस ने विधायक के आवास से कुछ दूरी पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जब कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई आंदोलनकारी कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर बस में बैठाया और वहां से हटा दिया।

भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहा नशे का कारोबार’

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए:

​अमन गर्ग (कांग्रेस जिला अध्यक्ष): उन्होंने आरोप लगाया कि हरिद्वार में अवैध नशे के कारोबार ने अपने पैर पसार लिए हैं। यह सब भाजपा नेताओं के संरक्षण में हो रहा है, जिससे खुलेआम शराब और मादक पदार्थ बिक रहे हैं।

​कैश खुराना (यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष): उनका कहना था कि शहर की गली-गली में स्मैक, चरस और गांजा बिक रहा है और इन माफियाओं को स्थानीय विधायक का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।

​मनोज सैनी (वरिष्ठ नेता): उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने नशे के खिलाफ गिरफ्तारी दी है और उनकी मुख्य मांग अंकिता को सच्चा न्याय दिलाना है।

इससे पूर्व, शनिवार को लालढांग क्षेत्र में अंकिता भंडारी न्याय यात्रा निकाली गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

​हरीश रावत का बयान: “कांग्रेस इस मामले में कोई श्रेय नहीं लेना चाहती, यह केवल संघर्ष और न्याय का सवाल है। सरकार ने दबाव में आकर सीबीआई जांच की सिफारिश तो की है, लेकिन जब तक यह जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में नहीं होगी, यह अधूरी रहेगी और अंकिता को न्याय नहीं मिल

हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत ने सरकार की कार्रवाई को नाकाफी बताया। उन्होंने कहा:

​”पूरे देश और प्रदेश के एकजुट दबाव के कारण सरकार को झुकना पड़ा और सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी।”

​”मैंने सदन में अंकिता का मुद्दा उठाया था, तब सरकार ने कहा था कि ‘वीआईपी’ सिर्फ एक कमरा है। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच शुरू नहीं हो जाती, क्योंकि बिना निगरानी के जांच को प्रभावित किया जा सकता है।”

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