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हरिद्वार: लिव-इन पार्टनर की हत्या मामले में मुख्य आरोपी को उम्रकैद, ‘लव ट्रायंगल’ में हुई थी वारदात.

हरिद्वार | 19 फरवरी, 2026 ​लॉकडाउन के दौरान सिडकुल क्षेत्र में हुए सनसनीखेज ‘सूटकेस मर्डर केस’ में करीब छह साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य अभियुक्त रोहित को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25,000 …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 19 फ़र, 2026
हरिद्वार: लिव-इन पार्टनर की हत्या मामले में मुख्य आरोपी को उम्रकैद, ‘लव ट्रायंगल’ में हुई थी वारदात.

हरिद्वार | 19 फरवरी, 2026

​लॉकडाउन के दौरान सिडकुल क्षेत्र में हुए सनसनीखेज ‘सूटकेस मर्डर केस’ में करीब छह साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य अभियुक्त रोहित को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, उसकी दूसरी प्रेमिका को साक्ष्य छिपाने के जुर्म में 5 साल की जेल की सजा मिली है

Photo-social media

​क्या था पूरा मामला? (मई 2020)

​यह घटना कोरोना काल में लागू देशव्यापी लॉकडाउन के समय की है। सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाला आरोपी रोहित (निवासी बिहार) अपनी लिव-इन पार्टनर सोनम उर्फ वर्षा (निवासी ग्वालियर) के साथ शिवनगर कॉलोनी में किराए के कमरे में रहता था। उसी मकान में एक अन्य युवती मंजू कुमारी (निवासी फर्रुखाबाद) भी रहती थी, जिससे रोहित के प्रेम संबंध हो गए थे।

​’लव ट्रायंगल’ बना हत्या का कारण: शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान के अनुसार, रोहित और सोनम के बीच मंजू को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसी त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते 24 मई 2020 की रात रोहित ने सोनम की हत्या कर दी।

​सूटकेस में मिला था सड़ा-गला शव

​हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक प्लास्टिक के कट्टे में पैक कर सूटकेस के अंदर बाथरूम में छिपा दिया था। भीषण गर्मी और लॉकडाउन के सन्नाटे के बीच जब कमरे से दुर्गंध आने लगी, तो पड़ोस के दुकानदार आशुतोष ने मकान मालिक सुखबीर सिंह चौहान को सूचना दी। पुलिस ने जब कमरा नंबर 28 का दरवाजा खोला, तो सूटकेस के अंदर से सोनम का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

​अदालत का फैसला और सजा

​मकान मालिक द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे पर लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया:

​रोहित (मुख्य अभियुक्त): हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदंड।

​मंजू कुमारी (सह-अभियुक्त): हत्या के सबूत मिटाने और सहयोग करने के आरोप में 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये का जुर्माना।

​”मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए मकान मालिक और अभियोजन पक्ष ने छह साल तक मजबूती से पैरवी की। लॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों में हुई इस क्रूर हत्या के मामले में यह फैसला समाज के लिए एक नजीर है।”

— कुशल पाल सिंह चौहान, शासकीय अधिवक्ता

 

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