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हरिद्वार: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की ‘ब्रेक’ से संतों में खुशी; गंगा का दुग्धाभिषेक, खून से लिखा राष्ट्रपति को खत.

हरिद्वार (30 जनवरी 2026): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादित नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद धर्मनगरी हरिद्वार में ब्राह्मण समाज और संत समुदाय ने राहत की सांस ली है। इस फैसले का स्वागत करते हुए मालवीय घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 जन, 2026
हरिद्वार: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की ‘ब्रेक’ से संतों में खुशी; गंगा का दुग्धाभिषेक, खून से लिखा राष्ट्रपति को खत.

हरिद्वार (30 जनवरी 2026): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादित नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद धर्मनगरी हरिद्वार में ब्राह्मण समाज और संत समुदाय ने राहत की सांस ली है। इस फैसले का स्वागत करते हुए मालवीय घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया और सरकार की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए प्रार्थना की गई। हालांकि, विरोध का स्वर अभी भी तीखा है, और प्रदर्शनकारियों ने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति से इन नियमों को पूरी तरह रद्द करने की मांग की है।

‘काला कानून’ पर रोक, सरकार पर बरसे संत निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति गिरी की अगुवाई में संतों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, “सरकार के नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी, जो निंदनीय है। सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेकर इस ‘काले कानून’ पर रोक लगाई है। देश को बांटने वाला ऐसा कानून सवर्ण समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”

चेतावनी: लागू हुआ तो करेंगे कमेटी का पिंडदान विरोध प्रदर्शन के दौरान संतों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इन नियमों को लागू करने की कोशिश की गई, तो वे ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्यों का पिंडदान करेंगे।

खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सांकेतिक रूप से अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिखा। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा, “पूरे देश में विरोध हुआ, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। सुप्रीम कोर्ट ने हमें न्याय दिया है।”

वहीं, कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह सरकार द्वारा सवर्ण समाज पर कुठाराघात था। अभी यह सांकेतिक जीत है, अगर इसे दोबारा लाया गया तो उग्र आंदोलन होगा।

 

 

 

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