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बंगलूरू में भारी बारिश का कहर: ऑरेंज अलर्ट जारी, करंट लगने से दो की मौत, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज

बंगलूरू: कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज मंगलवार के लिए शहर में ऑरेंज अलर्ट और राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 20 मई, 2025
बंगलूरू में भारी बारिश का कहर: ऑरेंज अलर्ट जारी, करंट लगने से दो की मौत, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज

बंगलूरू: कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज मंगलवार के लिए शहर में ऑरेंज अलर्ट और राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं हादसों में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, शहर में जलभराव

आईएमडी बंगलूरू केंद्र के निदेशक एन. पुवियारासु के अनुसार, शहर में 8 से 10 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में जल निकासी के मार्ग अवरुद्ध होने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। बागलकोट, बंगलूरू शहरी, बंगलूरू ग्रामीण, बेलगाम, चिक्काबल्लापुरा, धारवाड़, गडग, कोलार, कोप्पल और विजयनगर जिले आज संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

करंट लगने से दो की मौत

बारिश से जुड़ी सबसे दुखद घटना एनएस पाल्या, बीटीएम लेआउट सेकंड स्टेज स्थित मधुवन अपार्टमेंट में हुई। यहां रहने वाले मनमोहन कामथ अपने घर में घुसे बारिश के पानी को निकालने के लिए मोटर चालित पंप का उपयोग कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने पंप को सॉकेट से जोड़ा, शॉर्ट सर्किट हो गया और उन्हें करंट लग गया।

इसी दौरान पास में खड़े 12 वर्षीय नेपाली किशोर दिनेश, जो अपार्टमेंट में काम करने वाले एक श्रमिक का बेटा था, भी करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल ले जाने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

इससे पहले एक अन्य घटना में महादेवपुरा क्षेत्र में एक कंपनी में झाड़ू लगा रही शशिकला नाम की महिला की दीवार गिरने से मौत हो गई थी। इस प्रकार प्री-मानसून बारिश के चलते अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी

राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बंगलूरू के साई लेआउट, मान्यता टेक पार्क और सिल्क बोर्ड जंक्शन जैसे प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि शहर के 210 बाढ़ संभावित क्षेत्रों में से अब तक 70% यानी 166 क्षेत्रों में समस्या का समाधान कर लिया गया है।

शिवकुमार ने कहा, “24 इलाकों में काम जारी है, जबकि बाकी 20 में जल्द कार्य शुरू होगा। हमने कुल 197 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज का निर्माण किया है ताकि पानी निकासी बेहतर हो सके।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ इलाकों जैसे सिल्क बोर्ड जंक्शन, हेब्बल और येलहंका में अत्यधिक बारिश होने के कारण अंडरपास भी जलमग्न हो गए हैं।

अलर्ट का मतलब क्या है?

आईएमडी के अनुसार: ऑरेंज अलर्ट का मतलब है 11 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश, जिसमें व्यापक प्रभाव की आशंका होती है। येलो अलर्ट 6 से 11 सेंटीमीटर बारिश को दर्शाता है, जो कम प्रभावी लेकिन सतर्कता के लिए जरूरी होता है।

प्रशासन ने राहत और पुनर्निर्माण कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन लगातार बारिश के बीच शहरवासी अभी भी परेशान हैं। अधिकारियों की चुनौती है कि वे त्वरित और टिकाऊ समाधान निकालें ताकि हर मानसून में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

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