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उत्तराखंड के 25 प्रमुख पर्यटन स्थलों को हेली सर्विस से जोड़ने की तैयारी, सरकार ने सैलानियों के लिए बनाया विशेष प्लान

देहरादून: उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड कैडर एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (UKADA) ने राज्य के 25 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ने का महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना, सैलानियों की सुविधा सुनिश्चित करना और आपदा प्रबंधन में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 अक्ट, 2025
उत्तराखंड के 25 प्रमुख पर्यटन स्थलों को हेली सर्विस से जोड़ने की तैयारी, सरकार ने सैलानियों के लिए बनाया विशेष प्लान

देहरादून: उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड कैडर एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (UKADA) ने राज्य के 25 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ने का महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना, सैलानियों की सुविधा सुनिश्चित करना और आपदा प्रबंधन में तेजी लाना है।

योजना के मुख्य बिंदु

योजना में श्री बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के साथ-साथ नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश और चमोली के प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।

सरकार ने हेलीपैड की संख्या बढ़ाने और नए निर्माण पर जोर दिया है, ताकि हवाई सेवाओं की पहुँच अधिकतम हो।

सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में हवाई संपर्क मजबूत करने की दिशा में विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

पर्यटकों और आपदा प्रबंधन के लिए लाभ

सैलानियों को तेज़ और सुविधाजनक यातायात विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे लंबी दूरी और कठिन पहाड़ी मार्ग तय करने में आसानी होगी।

आपदा या आकस्मिक स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तेज किया जा सकेगा।

पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं और सेवाओं में सुधार होगा, जिससे राज्य की पर्यटन छवि और मजबूत होगी।

सरकार की दिशा और विकास रणनीति

उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन और आपदा प्रबंधन को साथ-साथ जोड़ने वाली नीति अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि हेली सर्विस योजना न केवल आर्थिक और पर्यटन विकास में सहायक होगी, बल्कि यह राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में नागरिक और पर्यटक सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी माध्यम बनेगी।

UKADA के सूत्रों के अनुसार, योजना की अगली चरण में हेली सर्विस की मार्ग सूची, हवाई पट्टी निर्माण और सुरक्षा मानकों पर काम किया जा रहा है। यह योजना अगले साल के पर्यटन सत्र तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

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