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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में हेल्पेज इंडिया ने की गोष्ठी

देहरादून अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में हेल्पेज इण्डिया द्वारा उत्तरांचल प्रेस क्लब में गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की वरिष्ठ महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में सर्व प्रथम सभी उपस्थित वृद्धजनों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। तत्पश्चात हेल्पेज इण्डिया के राज्य प्रमुख चैतन्य उपाध्याय ने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 सित, 2022
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में हेल्पेज इंडिया ने की गोष्ठी

देहरादून
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में हेल्पेज इण्डिया द्वारा उत्तरांचल प्रेस क्लब में गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की वरिष्ठ महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में सर्व प्रथम सभी उपस्थित वृद्धजनों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। तत्पश्चात हेल्पेज इण्डिया के राज्य प्रमुख चैतन्य उपाध्याय ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2050 तक एक विकसित एकॉनामी बनने का है और उसी वर्ष एक जनगणना के अनुमान से भारत में 19 प्रतिशत जनसंख्या होगी। जहां प्रत्येक 5 व्यक्ति में 1 वृद्ध व्यक्ति होगा। उन्होंने कहा कि भारत इतनी बड़ी जनसंख्या लिए तैयार तो नहीं लेकिन प्रयासरत है देश को एक रोड मैप तैयार करने की आवश्यक्ता है तथा इस बड़ी जनसंख्या के लिए एक अलग विभाग की स्थापना करनी चाहिए। उत्तराखण्ड राज्य को इस कार्य के लिए अग्रणीय राज्य होना चाहिए, क्योंकि जब उत्तराखण्ड की जवानी देश के काम आ रही हो तो यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि उनके बुजुर्ग होने पर अपने राज्य लोटे तो हम उनकी सेवा तथा सुरक्षा कर सकें। ततपश्चात श्री कृष्ण अवतार मिश्रा राज्य कार्यक्रम प्रबन्धक हेल्पेज इण्डिया ने अन्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर संस्था के कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए एडवोकेट रेनु डी सिंह प्रमुख समाजसेविका तथा संस्थापक “समाधान- दलित महिला लीगल हेल्पलाईन” ने अपने विचार रखे तथ कहा कि हर वह कारण कि जो गरीब बुजुर्ग को पेंशन मिलने से रोकते हैं वह सब हटाना चाहिए तथा वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा इस बात पर जोर देते हुए कहा कि असहाय वृद्धजनों के लिए प्रत्येक जनपदों में एक-एक वृद्धाश्रम होना चाहिए।रामेन्द्री मन्द्रवाल पूर्व सचिव राज्य महिला आयोग उत्तराखण्ड, डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारिता
विभाग एवं समाज सेविका ने वृद्धों के एकाकीपन और उपेक्षा की बात कही और कहा कि बुजुर्गों के लिए कोई भी कार्यक्रम तबतक सफल नहीं हो सकता जबतक घर के लोग अपने बुजुर्गों को भावनात्मक देखभाल न करें। उन्होंने इस कार्यक्रम को सभी युवाओं तक पहुंचाने चाहिए जिसमें कि स्कूल तथा कालिज तक पहुंचानी चाहिए।
नलिनी गुसाई ज्वाइंट सेक्रेट्री उत्तरांचल प्रेस क्लब ने कहा कि आज युग डिजिटल युग है। आज के युवा वर्ग को बुजुगों को डिजिटल लिट्रेसी में सहयोग करना चाहिए। ब्रिगेडियर के. जी. बेहल ने कहा कि बुजुर्ग अनुभवों की खान होते हैं समाज एवं युवा वर्ग को उनके अनुभवों का लाभ देना चाहिए।
सन्तोष गोयल पूर्व मन्त्री अखिल भारतीय महिला आश्रम ने कहा कि नई पीढ़ी को आत्म निर्भर बनाना चाहिए तथा हमें बच्चों में विश्वास पैदा करना चाहिए। इस कार्यक्रम में विभिन्न वृद्ध संगठनों के प्रतिनिधि, वृद्धाश्रमवासी हेल्पेज इण्डिया के कृष्ण अवतार मिश्रा श्री शत्रुघन सिंह, डॉ प्रीति भट्ट, राम सिंह राणा, वैभव विष्ट एवं सुभाष चन्द्र उपस्थित थे।

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