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यहाँ लव मैरिज कराते हैं हनुमान जी

यहाँ लव मैरिज कराते हैं हनुमान जी : दुनियाभर में हनुमानजी के कई मंदिर हैं. जिसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. ऐसे ही अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में प्राचीन हनुमानजी का मंदिर है, जो लगनिया हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. ऐसा माना जाता है कि इस …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 अप्र, 2025
यहाँ लव मैरिज कराते हैं हनुमान जी

यहाँ लव मैरिज कराते हैं हनुमान जी : दुनियाभर में हनुमानजी के कई मंदिर हैं. जिसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. ऐसे ही अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में प्राचीन हनुमानजी का मंदिर है, जो लगनिया हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में शादी करने वाले प्रेमी जोड़े का वैवाहिक जीवन सुखी होता है. उनके जीवन में कोई मुश्किल नहीं आती.प्रेमी जोड़े खास तौर पर इस मंदिर में शादी करने के लिए आते हैं।

 वकीलों का बड़ा योगदान

कहा जाता है कि इस मंदिर में प्रेम विवाह की प्रथा गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप के बाद शुरू हुई थी. भूकंप के बाद सभी अदालतें मेघाणी नगर इलाके में स्थानांतरित कर दी गईं. उस समय यहां हनुमानजी का एक छोटा सा मंदिर था. फिर वकीलों ने कोर्ट में आवेदन किया और उन्हें इस मंदिर में शादी करने की अनुमति मिल गई, जिसके बाद इस मंदिर में शादियां होने लगीं।

कभी भी आ सकते हैं प्रेमी जोड़े

जिन लोगों को कोर्ट से विवाह की अनुमति मिल जाती थी, वे यहां दरबार में विवाह करने आते और हनुमानजी के दर्शन के बाद गृहस्थी शुरू करते है।  फिर अदालत को दूसरी जगह ले जाया गया, लेकिन इस मंदिर में शादी करने की प्रथा आज भी जारी है.इस मंदिर में हिंदू-मुस्लिम विवाह भी होते हैं. क्योंकि, मंदिर में किसी भी प्रकार का जाति या धर्म का भेदभाव नहीं है. दिन हो या रात किसी भी समय इस मंदिर के दरवाजे प्रेमी जोड़ों के लिए हमेशा खुले रहते हैं।

15000 से अधिक शादियां हो चुकी

लगनिया हनुमान मंदिर  के महंत कहते हैं कि यहां 2004 में कोर्ट की शुरुआत हुई थी. तभी से यहां शादियां होने लगीं. 2004 से अब तक 15,000 से अधिक जोड़े विवाह में शामिल हो चुके हैं.  ऐसा माना जाता है कि प्रेमी युगल के प्रेम विवाह की जिम्मेदारी स्वयं हनुमान जी ने ली है.यहां सबसे ज्यादा प्रेम विवाह करने वाले जोड़े आते हैं.शादी के लिए आने वाले जोड़े को विवाह फॉर्म के साथ जोड़े का आयु प्रमाण पत्र, आईडी प्रूफ, लिविंग सर्टिफिकेट, दो गवाह और उनका आईडी प्रूफ आदि दस्तावेज कार्यालय में जमा कराने होंगे.  विवाह समारोह संपन्न होने के बाद संस्था द्वारा विवाह प्रमाणपत्र भी जारी किया जाता है।

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