Menu
#अंतराष्ट्रीय

“चावल घोटाले में  हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब”

उत्तराखंड में पीएनबी घोटाले के बाद अब चावल घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमे ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। सूत्रों के मुताबित, हाई कोर्ट ने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 12 अक्ट, 2023
“चावल घोटाले में  हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब”

उत्तराखंड में पीएनबी घोटाले के बाद अब चावल घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमे ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

सूत्रों के मुताबित, हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला करने की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका करते हुए राज्य सरकार खाद्य सचिव जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में बागेश्वर के गरुड़ निवासी गोपाल वनवासी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

उन्होंने इसकी सूचना खाद्य विभाग से मांगी लेकिन विभाग ने उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई ।

आखिर इस घोटाले को लेकर अब उत्तराखंड हाईकोर्ट भी सख्त हो गया है, हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला करने की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका करते हुए राज्य सरकार, खाद्य सचिव, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर , एसपी रुद्रपुर सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

राज्य सूचना आयोग ने अपील को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार व खाद्य विभाग को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मामले की अगली सुनवाई हेतु सात नवंबर की तिथि नियत की है, सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर प्रथम अपील विभागीय सूचना अधिकारी के समक्ष की, वहां से भी कोई जवाब न मिलने पर द्वितीय सूचना अपील अधिकारी राज्य सूचना आयोग में की।

सूचना प्राप्त होने के बाद उनकी शिकायत पर वर्ष 2020 में एसआईटी ने मामले की जांच की, जिस में घोटाले की पुष्टि हुई, लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की ।

 

Tagged:
Share This Article