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उच्च न्यायालय ने दूरसंचार सुविधा में किए गए सुधारों पर मांगी डीएम से रिपोर्ट: पिथौरागढ़

खंडपीठ ने पिथौरागढ़ के जिला जज से इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है. मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में सरकारी काम भी प्रभावित हो रहा है जबकि बीएसएनएल ने कहा है …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 दिस्, 2022
उच्च न्यायालय ने दूरसंचार सुविधा में किए गए सुधारों पर मांगी डीएम से रिपोर्ट: पिथौरागढ़

खंडपीठ ने पिथौरागढ़ के जिला जज से इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है. मामले की अगली सुनवाई

16 फरवरी को होगी।

जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में सरकारी काम भी प्रभावित हो रहा है जबकि बीएसएनएल ने कहा है कि क्षेत्र में दूरसंचार सुविधाओं में पहले की तुलना में सुधार हुआ है।

कोर्ट ने अब जिलाधिकारी से कहा है कि यहां की दूरसंचार सुविधाओं में कितना सुधार हुआ है, इस पर एक रिपोर्ट पेश करें।

न्याय मित्र दुष्यंत मैन्युली ने अदालत को बताया कि क्षेत्र में उचित दूरसंचार सुविधाओं की कमी के कारण न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। यहां कोर्ट के आदेश अपलोड करना भी मुश्किल है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि इस इलाके में नेपाल से मोबाइल फोन के सिग्नल मिलते हैं लेकिन भारतीय कंपनियों के सिग्नल नहीं मिलते।

पिथौरागढ़ जिले के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में दूरसंचार सेवाओं की समस्या का समाधान इस डिजिटल युग में भी नहीं हो पाया है।

स्थिति यह है कि धारचूला नगर पंचायत क्षेत्र में भी बीएसएनएल और अन्य भारतीय सेवा प्रदाताओं के मोबाइल सेवा के सिग्नल उपलब्ध नहीं हैं।

रक्षा विशेषज्ञ काफी समय से कह रहे हैं कि चीन तिब्बत क्षेत्र में भी अपना दूरसंचार नेटवर्क बढ़ा रहा है। चीनी प्रतिष्ठान की गतिविधियां नेपाल के माध्यम से भी बढ़ सकती हैं।

जिसे देखते हुए भारतीय दूरसंचार सेवाओं के लिए ऐसे सीमावर्ती क्षेत्रों में ठीक से काम करना महत्वपूर्ण है।

इस क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और कुमाऊँ स्काउट तैनात हैं।

दूरसंचार सेवाओं में दिक्कत आने के कारण इन कर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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