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IMA में रचा गया इतिहास: पहली बार 9 महिला कैडेट बनीं सैन्य अधिकारी, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बधाई

देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड (POP) के दौरान इतिहास रचते हुए पहली बार 9 महिला कैडेट सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुईं। राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 13 जून, 2026
IMA में रचा गया इतिहास: पहली बार 9 महिला कैडेट बनीं सैन्य अधिकारी, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बधाई

देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड (POP) के दौरान इतिहास रचते हुए पहली बार 9 महिला कैडेट सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुईं। राष्ट्रपति एवं भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 515 कैडेटों ने प्रशिक्षण पूरा कर सेना में कदम रखा।

आईएमए के 158वें नियमित और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी सैन्य अधिकारी बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की समीक्षा करते हुए नवप्रशिक्षित अधिकारियों को राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले प्रहरी नहीं हैं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ राष्ट्र सेवा का दायित्व निभाने का आह्वान किया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे बड़ी उपलब्धि 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी बनना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब महिला कैडेटों को यहां से कमीशन मिला है। इसे महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व आधारित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

भारत की वैश्विक मित्रता का प्रतीक

समारोह में 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेटों की भागीदारी ने भारत और अन्य देशों के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों और सैन्य सहयोग को भी प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति ने इसे वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के विस्तार का प्रतीक बताया।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के दौर में भारतीय सेना को नवाचार, आधुनिक तकनीकों और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन बनाए रखने की अपील की।

गणमान्य अतिथि रहे मौजूद

इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सेना एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में कैडेटों के परिजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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