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उपनल कर्मचारियों पर ESMA लागू करना तानाशाही निर्णय: उत्तराखंड क्रांति सेना और जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने सरकार पर साधा निशाना

देहरादून: उपनल कर्मचारियों पर छह माह के लिए एस्मा (ESMA) लागू करने और हड़ताल पर रोक लगाने के निर्णय को उत्तराखंड क्रांति सेना और जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने कड़ा तानाशाही कदम बताया है। दोनों संगठनों ने कहा कि यह आदेश 22 हजार से अधिक उपनल कर्मचारी परिवारों के भविष्य …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 21 नव, 2025
उपनल कर्मचारियों पर ESMA लागू करना तानाशाही निर्णय: उत्तराखंड क्रांति सेना और जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने सरकार पर साधा निशाना

देहरादून: उपनल कर्मचारियों पर छह माह के लिए एस्मा (ESMA) लागू करने और हड़ताल पर रोक लगाने के निर्णय को उत्तराखंड क्रांति सेना और जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने कड़ा तानाशाही कदम बताया है। दोनों संगठनों ने कहा कि यह आदेश 22 हजार से अधिक उपनल कर्मचारी परिवारों के भविष्य से सीधा खिलवाड़ है।

प्रदेश अध्यक्ष और जन अधिकार पार्टी जनशक्ति के वरिष्ठ नेता ललित श्रीवास्तव ने सरकार के इस फैसले की कठोर शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा उपनल कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय आने के बाद भी सरकार लगातार उन्हें गुमराह कर रही है, जबकि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

“नो वर्क, नो पे” आदेश को बताया दमनकारी

ललित श्रीवास्तव ने कहा कि एस्मा लगाना और ‘नो वर्क, नो पे’ लागू करना सरकार की दबाव और डर की नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “कर्मचारियों की बात सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार बार-बार झूठे आश्वासन और राजनीतिक लॉलीपॉप देने में लगी है।”

उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी कोर्ट के कई फैसलों के बावजूद नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयान जारी करने तक ही सीमित है।

मुख्यमंत्री पर सीधा हमला

श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि “युवा और धाकड़ मुख्यमंत्री” होने का दावा केवल पोस्टरों में ही दिखता है। उन्होंने कहा, “सरकार की धाकड़ता पोस्टरों में नहीं, बल्कि कर्मचारियों और आम जनता के हित में निर्णय लेने में दिखनी चाहिए।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने अपना तानाशाही रवैया नहीं बदला, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

प्रमुख मांगें

ललित श्रीवास्तव ने सरकार से दो मुख्य मांगें रखीं:

एस्मा (ESMA) आदेश को तुरंत वापस लिया जाए।

उपनल कर्मचारियों को नियमित (Regularize) करने की स्पष्ट और ठोस घोषणा की जाए।

उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती कागजों में नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की खुशहाली से आती है। सरकार को इस दिशा में संवेदनशील होकर निर्णय लेने होंगे।

 

 

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