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कारगिल युद्ध में हमारे सैनिकों ने भारत का सम्मान बचाने के लिए अनुकरणीय साहस, शौर्य और वीरता का किया प्रदर्शन: मुख्यमंत्री

उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तराखंड के देहरादून एवं पिथौरागढ जिले में जिला सैनिक कल्याण का एक-एक अतिरिक्त कार्यालय खोला जाएगा। इन कार्यालयों के माध्यम से सैनिक द्वारों और स्मारकों का रख-रखाव होगा और सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा इसका ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्तिगत …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 27 जुल, 2023
कारगिल युद्ध में हमारे सैनिकों ने भारत का सम्मान बचाने के लिए अनुकरणीय साहस, शौर्य और वीरता का किया प्रदर्शन: मुख्यमंत्री

उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तराखंड के देहरादून एवं पिथौरागढ जिले में जिला सैनिक कल्याण का एक-एक अतिरिक्त कार्यालय खोला जाएगा।

इन कार्यालयों के माध्यम से सैनिक द्वारों और स्मारकों का रख-रखाव होगा और सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा इसका ध्यान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्तिगत सौहार्द्र पर प्रहार करते हुए कहा है कि उनके पिता ने उन्हें सैन्य नायकों की कहानियाँ सुनाते थे और यह उन्हें हमेशा प्रेरित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना को मजबूत और अधिक शक्तिशाली होते हुए देख रहे हैं।

सरकार उत्तराखंड में सैनिकों के आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रही है और सशस्त्र बलों के जवानों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रही है।

उत्तराखंड सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवारों के कल्याण के लिए कुछ प्रमुख उपाय लिए हैं।

एक सदस्य को शहीद सैनिक के परिवार से सरकारी नौकरी दी जा रही है।

पुरस्कार विजेता सैनिकों के अनुदान में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे परमवीर चक्र और अशोक चक्र प्राप्तकर्ताओं को 30 लाख से 50 लाख रुपये और महावीर चक्र प्राप्तकर्ताओं को 20 लाख से 35 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

देहरादून के गुनियाल गांव में एक भव्य सैन्य धाम का निर्माण हो रहा है।

राज्य सरकार युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में अंग खोने वाले सैनिकों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री धामी के बयान से स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार युद्ध के शहीदों और उनके परिवारों के प्रति प्रतिबद्ध है और उन्हें उच्च सम्मान और सहायता प्रदान करने का इरादा रखती है।

मंत्री गणेश जोशी द्वारा एक कार्यक्रम के बारे में बताया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने सैनिकों के लिए कई सुविधाएं और आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता, अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियों और अन्य लोगों ने भाग लिया हैं।

उत्तराखंड कार्यक्रम में उच्चाधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल होने से यह प्रतीत होता है कि राज्य सरकार विभिन्न सैनिक कल्याण योजनाओं के लिए प्रतिबद्ध है और सैन्य समृद्धि के लिए कई उपायों पर विचार कर रही है।

इसमें सैनिकों के वेतन, उनके परिवारों को वित्तीय सहायता, और अन्य लाभ शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के शौर्य और वीरता का सम्मान किया और उनका समर्थन किया।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड से 75 जवानों ने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी थी।

इस संदर्भ में, उन्होंने कहा कि देशभक्ति हर प्रकार की सेवाओं में सबसे महत्वपूर्ण है और ये देश के सैन्य बलों के वीर सपूतों को सदैव याद रखा जाएगा।

कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के विजयी होने का एक महत्वपूर्ण दिवस है।

जिसमें भारतीय सेना ने 1999 में कारगिल ज़िले को पाकिस्तान के अदेसा से वापस लिया था।

इस युद्ध में कई भारतीय सैनिक अपनी जान न्यौछावर कर गए थे और उन्हें हमेशा याद किया जाता है जो देश की रक्षा के लिए अपनी बलिदानी परिस्थितियों का सामना करते हैं।

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