Menu
#अंतराष्ट्रीय

उत्तराखंड में सबसे पहले जियो फेंसिंग से हाजिरी देहरादून के रायपुर पीजी कॉलेज और हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज में होगी शुरू, उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में किए आदेश जारी

कहीं बायोमीट्रिक मशीनें काम नहीं करती तो कहीं रजिस्टर पर बाद में प्रोफेसर एक साथ हाजिरी लगा देते हैं। छात्रों की हाजिरी अभी तक केवल रजिस्टर पर ही होती आई है। इसमें बदलाव करने के लिए ही सरकार ने जियो फेंसिंग से हाजिरी की कवायद शुरू की है। इसके तहत …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 19 दिस्, 2022
उत्तराखंड में सबसे पहले जियो फेंसिंग से हाजिरी देहरादून के रायपुर पीजी कॉलेज और हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज में होगी शुरू, उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में किए आदेश जारी

कहीं बायोमीट्रिक मशीनें काम नहीं करती तो कहीं रजिस्टर पर बाद में प्रोफेसर एक साथ हाजिरी लगा देते हैं।

छात्रों की हाजिरी अभी तक केवल रजिस्टर पर ही होती आई है।

इसमें बदलाव करने के लिए ही सरकार ने जियो फेंसिंग से हाजिरी की कवायद शुरू की है।

इसके तहत जो भी शिक्षक या छात्र कॉलेज परिसर में प्रवेश करेगा तो उसके मोबाइल से ही उसकी हाजिरी लग जाएगी।

इसके लिए मोबाइल जियो फेंसिंग के दायरे में आना जरूरी है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह शुरुआत देहरादून के मालदेवता रायपुर स्थित राजकीय पीजी कॉलेज और हल्द्वानी स्थित एमबी पीजी कॉलेज में होगी।

यहां जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है।

पायलट सफल होने के बाद अन्य कॉलेजों में इसे लागू किया जाएगा।

क्या होता है जियो फेंसिंग.

यह सैटेलाइट आधारित प्रणाली है, जिसमें एक विशेष क्षेत्र की जियो फेंसिंग यानी बाउंड्री बना दी जाती है।

इस दायरे में जो भी डिवाइस आएगी, वह रिकॉर्ड में आ जाएगी।

जियो फेंसिंग के भीतर आने पर ही मोबाइल का वह ऐप काम करेगा जो कि इससे संबंधित होता है।

कैसे लगेगी हाजिरी.

जब कोई छात्र या शिक्षक अपने मोबाइल के साथ कैंपस में प्रवेश करेंगे तो उन्हें इसमें डाउनलोड किया गया हाजिरी का ऐप खोलना होगा।

यह ऐप केवल कॉलेज के भीतर यानी जियो फेंसिंग दायरे में आने पर ही काम करेगा।

इस ऐप को खोलने के बाद एक ओटीपी उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा।

इसे फीड करेंगे तो ही हाजिरी लग सकेगी।

जैसे ही छात्र, शिक्षक उस कैंपस से बाहर जाएंगे तो उनका रिकॉर्ड स्वत: ही अपडेट हो जाएगा।

Tagged:
Share This Article