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उत्तराखंड में विक्रम व ऑटो रिक्शा संचालक 28 नवंबर को विधानसभा का करेंगे घेराव.

देहरादून के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 31 मार्च के बाद एक दशक से अधिक पुराने ऑटो रिक्शा और विक्रमों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और शेष 31 दिसंबर, 2023 के बाद, उत्तराखंड विक्रम के तहत गठबंधन बनाने के लिए कई संघ एक साथ आए, फैसले के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 नव, 2022
उत्तराखंड में विक्रम व ऑटो रिक्शा संचालक 28 नवंबर को विधानसभा का करेंगे घेराव.

देहरादून के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 31 मार्च के बाद एक दशक से अधिक पुराने ऑटो रिक्शा और विक्रमों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और शेष 31 दिसंबर, 2023 के बाद, उत्तराखंड विक्रम के तहत गठबंधन बनाने के लिए कई संघ एक साथ आए, फैसले के खिलाफ विभाग से भिड़ेगा ऑटो रिक्शा परिवाहन महासंघ।

देहरादून में बुधवार को नवगठित महासंघ के अध्यक्ष विनय सारस्वत ने पत्रकार वार्ता की।

उन्होंने कहा कि आरटीओ ने कहा है।

ऑटो रिक्शा और विक्रम संचालक अपने संबंधित वाहनों पर प्रतिबंध के बाद बीएस VI वाहन, सीएनजी ईंधन वाले या इलेक्ट्रिक हाइब्रिड वाहनों जैसे स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों के साथ परिचालन जारी रख सकेंगे।

लेकिन वास्तव में उनके पास उचित योजना और निष्पादन की कमी है।

उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की रोजी-रोटी इन ऑटो रिक्शा और विक्रम पर निर्भर है और कुछ ही महीनों में अचानक प्रतिबंध से कई लोग प्रभावित होंगे।

संघ के सदस्यों ने कहा कि वे चाहते हैं कि अधिकारी उन्हें चरणबद्ध तरीके से विक्रम और ऑटो रिक्शा को खत्म करने के लिए 2025 तक का समय दें और तब तक विभाग स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को चलाने के लिए संरचना को मजबूत कर सकता है जो वर्तमान में लगभग न के बराबर है।

उन्होंने कहा कि विक्रम और ऑटो रिक्शा के संचालन से राज्य सरकार को काफी राजस्व प्राप्त होता है और उन्हें इस पर भी विचार करना चाहिए कि प्रतिबंध का इस पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि वे 29 नवंबर को विधानसभा का घेराव कर इस मुद्दे को एक साथ बड़े स्तर पर पेश करेंगे ताकि सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया जा सके।

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