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India AI Impact Summit 2026: ‘देसी’ बताकर पेश किया चीनी रोबोटिक डॉग, गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर सरकार का कड़ा एक्शन; एक्सपो से हटाया.

नई दिल्ली: देश की राजधानी में चल रहे ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ (India AI Impact Summit 2026) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेक इन इंडिया और एआई इनोवेशन के दावों की पोल खुल गई। गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) द्वारा समिट में ‘स्वदेशी’ बताकर पेश किया गया एक …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 फ़र, 2026
India AI Impact Summit 2026: ‘देसी’ बताकर पेश किया चीनी रोबोटिक डॉग, गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर सरकार का कड़ा एक्शन; एक्सपो से हटाया.

नई दिल्ली: देश की राजधानी में चल रहे ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ (India AI Impact Summit 2026) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेक इन इंडिया और एआई इनोवेशन के दावों की पोल खुल गई। गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) द्वारा समिट में ‘स्वदेशी’ बताकर पेश किया गया एक रोबोटिक डॉग असल में चीनी कंपनी का उत्पाद निकला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है।

PHOTO SOCIAL MEDIA

क्या है पूरा मामला? दुनियाभर की नजरें इस समय भारत के सबसे बड़े एआई समिट पर टिकी हैं। इसी बीच, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर ‘Orion’ नाम का एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया। इसे यूनिवर्सिटी के 350 करोड़ रुपये के एआई इकोसिस्टम का हिस्सा और ‘आकांक्षी भारत’ (Aspirational India) का प्रतीक बताया गया।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो के बाद पोल खुल गई। इंटरनेट यूजर्स ने तुरंत पहचान लिया कि यह कोई भारतीय इनोवेशन नहीं, बल्कि चीन की कंपनी ‘Unitree Robotics’ का ‘Unitree Go2’ मॉडल है, जो ऑनलाइन बाजार में महज 2 से 3 लाख रुपये में उपलब्ध है।

सरकार ने माना ‘शर्मिंदगी’ का विषय, भेजा नोटिस सरकारी सूत्रों के अनुसार, एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीनी कमर्शियल प्रोडक्ट को भारतीय इनोवेशन के तौर पर पेश करना “misrepresentation” (तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना) माना गया है। इसे सरकार और समिट दोनों के लिए शर्मिंदगी का सबब बताया गया।

सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:

  1. गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एआई समिट के एक्सपो एरिया से तुरंत अपना स्टॉल हटाने का निर्देश दिया।

  2. गलत जानकारी देने के आरोप में यूनिवर्सिटी को ‘शो-कॉज नोटिस’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया है।

यूनिवर्सिटी की सफाई: ‘डेवलपमेंट’ शब्द से हुआ भ्रम विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सफाई जारी की। यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि उन्होंने कभी भी इस रोबोट को खुद बनाने (मैन्युफैक्चरिंग) का दावा नहीं किया था।

यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा, “यह विवाद अपनी बात सही ढंग से न रख पाने के कारण हुआ। यह रोबोट छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग सिखाने के लिए एक ‘क्लास रूम इन मोशन’ की तरह है।” वहीं, रजिस्ट्रार नितिन कुमार गौर ने सफाई दी कि ‘डेवलप’ (विकसित करना) और ‘डेवलपमेंट’ (विकास कार्य में उपयोग) शब्दों के फेर में भ्रम पैदा हो गया। उनका उद्देश्य छात्रों को ग्लोबल टेक्नोलॉजी से रूबरू कराना था।

विपक्ष ने सरकार को घेरा इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर तंज कसते हुए समिट को “बिना प्लानिंग का पीआर तमात्र” (Disorganised PR spectacle) करार दिया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विणी वैष्णव की चुप्पी पर सवाल उठाए और सरकारी चैनल डीडी न्यूज़ पर यूनिवर्सिटी को प्रमोट करने का आरोप लगाया।

 

 

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