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IndiGo Crisis: पांचवें दिन भी ऑपरेशंस चरमराए, DGCA ने दी बड़ी राहत

06 Dec 2025: देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो लगातार पांचवें दिन भी गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। पायलटों की कमी, लंबी देरी और बड़े पैमाने पर रद्द उड़ानों के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को स्थिति सबसे खराब रही, जब एयरलाइन को …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 दिस्, 2025
IndiGo Crisis: पांचवें दिन भी ऑपरेशंस चरमराए, DGCA ने दी बड़ी राहत

06 Dec 2025: देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो लगातार पांचवें दिन भी गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। पायलटों की कमी, लंबी देरी और बड़े पैमाने पर रद्द उड़ानों के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को स्थिति सबसे खराब रही, जब एयरलाइन को 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो को कई प्रकार की अस्थायी परिचालन छूटें दी हैं, ताकि एयरलाइन जल्द से जल्द अपनी सेवाओं को स्थिर कर सके।

किस वजह से गहराया इंडिगो का संकट?

पिछले कुछ समय से इंडिगो के पायलटों पर बढ़ते कार्यभार, शेड्यूलिंग में बदलाव और संसाधनों की कमी की खबरें सामने आ रही थीं। इन परिस्थितियों के कारण

  • कई पायलटों ने अचानक अवकाश ले लिया,
  • कुछ क्रू सदस्यों ने अनियमित ड्यूटी पैटर्न पर आपत्ति जताई,
  • और कई सेक्टरों में उड़ान शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया।

इसके परिणामस्वरूप एयरलाइन की उड़ानें या तो घंटों देरी से चलीं या फिर रद्द करनी पड़ीं। इंडिगो प्रतिदिन लगभग 2,000 उड़ानें संचालित करती है, लेकिन बीते पांच दिनों में इसका लगभग आधा ऑपरेशन प्रभावित रहा।

DGCA ने क्यों दी विशेष छूट?

स्थिति बिगड़ने पर DGCA ने हस्तक्षेप करते हुए एयरलाइन को फरवरी 2026 तक कई अस्थायी राहतें देने का फैसला किया है। इनका उद्देश्य पायलटों की उपलब्धता बढ़ाना और उड़ानों की संख्या को सामान्य स्तर पर लाना है।

DGCA की प्रमुख राहतें और उनका असर

नाइट लैंडिंग की सीमा हटाई गई
– अब एयरलाइन रात के समय भी अधिक उड़ानें संचालित कर सकेगी।
– इससे उन रूट्स पर दबाव कम होगा, जहां दिन में भीड़ ज्यादा रहती है।
“नाइट टाइम” की अवधि घटाई गई
– सामान्यतः नाइट टाइम के दौरान पायलटों की ड्यूटी पर कई प्रतिबंध होते हैं।
– अवधि कम होने से अधिक पायलट ड्यूटी आवंटन के लिए उपलब्ध होंगे
पायलट ड्यूटी टाइम नियमों में विशेष लचीलापन
– अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सीमाओं को नियंत्रित रखते हुए DGCA ने अस्थायी ढील दी है।
– इसका उद्देश्य क्रू शेड्यूल को स्थिर करना और उड़ानों की समयबद्धता सुधारना है।

इन उपायों से इंडिगो आने वाले दिनों में अधिक फ्लाइट्स बहाल कर पाएगी, जिससे देरी और कैंसिलेशन की संख्या में कमी आने की संभावना है।

यात्रियों की मुश्किलें अभी भी जारी

लगातार रद्द उड़ानों और देरी ने यात्रियों को काफी परेशान किया है।

  • कई लोगों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
  • ट्रांजिट यात्रियों की कनेक्टिंग उड़ानें छूट गईं।
  • अंतिम समय में रद्दीकरण के कारण टिकट की कीमतें भी काफी बढ़ गईं।

सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने एयरलाइन और अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

इंडिगो की सफाई और सुधार की कोशिशें

एयरलाइन का कहना है कि

  • पायलटों की कमी को प्राथमिकता से हल किया जा रहा है,
  • क्रू मैनेजमेंट सिस्टम को री-ऑर्गनाइज किया जा रहा है,
  • अतिरिक्त पायलटों की शिफ्टिंग और बैकअप क्रू तैयार किए जा रहे हैं।

इंडिगो का दावा है कि DGCA की राहतों के बाद अगले कुछ दिनों में उड़ान संचालन सामान्य स्थिति में लौटने लगेगा।

क्या स्थिति जल्द सुधरेगी?

विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि

  • DGCA की छूटें एक शॉर्ट-टर्म सॉल्यूशन हैं,
  • असली चुनौती है पायलटों की पर्याप्त उपलब्धता और नियमित शेड्यूल की बहाली,
  • अगर इंडिगो आंतरिक शेड्यूलिंग और क्रू मैनेजमेंट की समस्याओं को ठीक कर लेती है, तो स्थिति स्थिर हो सकती है।

फिलहाल आने वाले कुछ दिन इंडिगो और यात्रियों—दोनों—के लिए अहम होंगे।

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