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जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के बाद राज्य सरकार द्वारा किये गये राहत एवं बचाव, स्थायी और अस्थायी पुनर्वास की दी जानकारी: सचिव डॉ रंजीत कुमार

जोशीमठ में प्रारम्भ में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज जो कि 6 जनवरी 2023 को 540 एल.पी.एम. था, वर्तमान में घटकर 163 एल.पी.एम. हो गया है। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के स्तर पर सीबीआरआई द्वारा भवनों के क्षति का आकलन हेतु क्रेक मीटर …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 जन, 2023
जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के बाद राज्य सरकार द्वारा किये गये राहत एवं बचाव, स्थायी और अस्थायी पुनर्वास की दी जानकारी: सचिव डॉ रंजीत कुमार

जोशीमठ में प्रारम्भ में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज जो कि 6 जनवरी 2023 को 540 एल.पी.एम. था, वर्तमान में घटकर 163 एल.पी.एम. हो गया है।

सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के स्तर पर सीबीआरआई द्वारा भवनों के क्षति का आकलन हेतु क्रेक मीटर सम्बन्धित भवनों पर लगाये गये है।

अभी तक 400 घरों का क्षति आंकलन किया जा चुका है।

वहीं वाडिया संस्थान द्वारा 03 भूकम्पीय स्टेशन लगाये जा चुके है, जिन से आंकड़े भी प्राप्त किये जा रहे हैं। एनजीआईआर द्वारा हाइड्रोलॉजिकल सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है।

सीबीआरआई, आईआईटी रूड़की, वाडिया इन्स्टीट्यूट, जीएसआई, आईआईआरएस संस्थाएं जोशीमठ में कार्य कर रही हैं।

उधर सचिव आपदा प्रबन्धन ने यह जानकारी दी कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष/कमरे है जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है।

पीपलकोटी में 491 कक्ष/कमरें हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है।

प्रभावितों को वितरित राहत राशि के तहत प्रति परिवार 5000 रूपये की दर से घरेलू राहत सामाग्री हेतु अभी तक कुल 73 ( कुल 3.65 लाख रूपये ) प्रभावितों को वितरित की गई है।

तीक्ष्ण / पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन हेतु 10 प्रभावितों को 13.00 लाख रूपये धनराशि वितरित की गई है।

मकान किराये के लोग आवेदन कर रहे हैं।

 

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