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DYFI कार्यकर्ता की अंतर-धार्मिक शादी पर लेफ्ट नेता के बयान से बवाल

केरल में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के एक युवा कार्यकर्ता की अंतर-धार्मिक शादी को लेकर उसकी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने निशाना साधा था। जिसमें नेता ने कहा था कि उनके पार्टी के कार्यकर्ता ने यह कदम उठाकर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया है। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 अप्र, 2022
DYFI कार्यकर्ता की अंतर-धार्मिक शादी पर लेफ्ट नेता के बयान से बवाल

केरल में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के एक युवा कार्यकर्ता की अंतर-धार्मिक शादी को लेकर उसकी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने निशाना साधा था। जिसमें नेता ने कहा था कि उनके पार्टी के कार्यकर्ता ने यह कदम उठाकर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया है। हालांकि, वरिष्ठ नेता के बयान से मचे बवाल के एक दिन बाद माकपा ने बुधवार को दावा किया कि नेता की जुबान फिसल गई थी।

बता दें कि, मंगलवार के दिन केरल के कोझीकोड जिला सचिवालय के सदस्य और दो बार विधायक रहे थॉमस ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ता एमएस शेजिन की जॉयसना से शादी ने जिले के कोडेनचेरी क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ दिया है। दरअसल, शेजिन मुस्लिम है और जॉयसना कैथोलिक समुदाय से ताल्लुक रखती है। हालांकि, अब पार्टी ने बयान जारी कर अंतर-धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष विवाह को अपना समर्थन दिया है।

इस मामले पर द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सीपीआई (एम) कोझीकोड के जिला सचिव पी मोहनन ने कहा कि कोई ‘लव जिहाद’ नहीं है। यह अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला संघ परिवार का एजेंडा है। वहीं, जॉर्ज एम थॉमस के बयान पर पी मोहनन ने कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी। ज्ञात हो कि यह विवाद 9 अप्रैल को तब शुरू हुआ, जब पश्चिमी एशिया में नर्स के रूप में काम करने वाली जॉयसना, डीवाईएफआई के कार्यकर्ता शेजिन के साथ भाग गई थी।

पुजारियों और विभिन्न संगठनों द्वारा समर्थित स्थानीय कैथोलिक समुदाय के एक वर्ग के विरोध के बाद यह युगल गायब हो गया था। इस मामले के चलते कैथोलिक समुदाय के एक वर्ग ने स्थानीय पुलिस स्टेशन तक जुलूस निकालकर युवती को ढूंढने की मांग की थी। वहीं, इस मामले में युवती के माता-पिता ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसी दौरान, इस युगल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था।

इस वीडियो में युवती जॉयसना ने इस बात का खंडन किया था कि उसका अपहरण किया गया था। युवती ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से शेजिन से शादी की थी। इसके बाद दोनों ने अपनी शादी की तस्वीरें भी जारी कीं। इसके बाद मंगलवार को दंपति थमारसेरी में एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए थे, जहां जॉयसना ने शेजिन के साथ रहना जारी रखने की इच्छा व्यक्त की थी।

वहीं, बुधवार को थॉमस ने भी कहा कि, इस पूरे मामले में पार्टी ने अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है। अगर शेजिन ने पार्टी को अपनी शादी के बारे में सूचित किया होता तो पार्टी नेतृत्व ने पूरा समर्थन दिया होता। उन्हें इस तरह से भागना नहीं चाहिए था। इससे क्षेत्र में ईसाई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस बीच, राज्य भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भी थॉमस की बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें या तो अपने शब्दों को वापस लेना होगा या पार्टी छोड़नी होगी।

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