देहरादून
रमजान में प्रत्येक मुसलमान पर सदका ए फित्र अदा करने को लेकर नाएब सुन्नी शहर क़ाज़ी पीर सैयद अशरफ़ हुसैन कादरी की तरफ से गांधी ग्राम स्थित ग़ोसिया जामा मस्जिद में तकरीर में बयान किया गया कि: बहारें शरीयत और फतावा रिज़विया के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को दो किलो 45 ग्राम गेहूं या उसके बाज़ार के भाव से 60 रुपये अदा करना है। कादरी ने यह भी कहा कि हर मुसलमान को अपने और अपने नाबालिग बच्चों की तरफ से सदका ए फित्र अदा करना चाहिये। उन्होंने कहा कि ईद से पहले फितरा और जकात अदा करना अनिवार्य है। फित्रा की रकम को गरीबों,जरूरतमंदों, विधवाओं,यतीमों में बांटना जरूरी है ताकि यह लोग भी ईद की खुशीयों में शामिल हो सकें।
ग़ोसिया जामा मस्जिद के ख़तीब व इमाम मोलाना मो० आज़म ने कहा कि ईद खुशियों का पर्व है। इस्लाम यह नहीं सिखाता कि यह खुशी अपने घर तक ही सीमित रहे बल्कि यह खुशी मोहल्ले और समाज के गरीबों के घरों में भी हो,यही इस्लाम का पैगाम है।