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बेटी की जिद ने बचा ली परिवार की जान

उत्तरकाशी: धराली में आई विनाशकारी आपदा ने कई घरों और होटलों को मलबे में तब्दील कर दिया, लेकिन इसी तबाही के बीच एक परिवार मौत के मुंह से लौट आया—और इसका श्रेय जाता है बेटी की जिद को। धराली निवासी जय भावान पंवार अपनी पत्नी और बेटी के साथ पिछले …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 09 अग, 2025
बेटी की जिद ने बचा ली परिवार की जान

उत्तरकाशी: धराली में आई विनाशकारी आपदा ने कई घरों और होटलों को मलबे में तब्दील कर दिया, लेकिन इसी तबाही के बीच एक परिवार मौत के मुंह से लौट आया—और इसका श्रेय जाता है बेटी की जिद को।

धराली निवासी जय भावान पंवार अपनी पत्नी और बेटी के साथ पिछले दो महीनों से वहीं रह रहे थे। इसी दौरान उनकी बेटी, जिसने इस साल 12वीं की परीक्षा पास की है, लगातार आग्रह कर रही थी कि देहरादून चलकर उसका बीए अंग्रेजी (ऑनर्स) में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में दाखिला कराया जाए। बेटी की जिद मानते हुए, सोमवार को पूरा परिवार धराली से देहरादून के लिए रवाना हो गया।

जय भावान पंवार बताते हैं कि अगर यह जिद न होती तो वे चराली में ही रुक जाते, क्योंकि मंगलवार को मुखवा में मेला और उसके बाद चराली में भी मेला लगना था। किस्मत से लिए गए इस फैसले ने उनका जीवन बचा लिया, क्योंकि आपदा के अगले ही दिन धराली और आसपास का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया।

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