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चंद्रयान-3 का हिस्सा बने उत्तराखंड के जितेश धारियाल, लोग दे रहे हैं बधाई

लालकुआं,रिर्पोटर,मुकेश कुमार,लालकुआं भारत का मून मिशन यानी चंद्रयान-3 गुरुवार शाम को चंद्रमा की सतह पर लैंड करने के बाद पूरे देश में खुशी की माहौल हैचंद्रमा की सतह पर लैंड करते ही भारत चांद के साउथ पोल पर पहुंचने वाला पहला देश बन बन गया है. इसरो (ISRO) के इस …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 25 अग, 2023

लालकुआं,रिर्पोटर,मुकेश कुमार,लालकुआं भारत का मून मिशन यानी चंद्रयान-3 गुरुवार शाम को चंद्रमा की सतह पर लैंड करने के बाद पूरे देश में खुशी की माहौल हैचंद्रमा की सतह पर लैंड करते ही भारत चांद के साउथ पोल पर पहुंचने वाला पहला देश बन बन गया है. इसरो (ISRO) के इस महत्वाकांक्षी मिशन पर पूरे देश को गर्व हो रहा है. इसरो के इस महत्वाकांक्षी योजना में उत्तराखंड के जितेश धारियाल भी शामिल रहे जहां 14 जुलाई 2023 को चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग की गई थी. बताया जा रहा है कि जितेश धारियाल इस मिशन के शुरुआती दौर से साथ है और लॉन्चिंग के दिन मिशन के प्रमुख हिस्सा में शामिल रहे. जितेश ने 9 जुलाई 2022 को इसरो ज्वाइन किया था और वर्तमान में वह इसरो में मैकेनिकल वैज्ञानिक पद पर तैनात है. जितेश परिवार नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ के दुर्गापालपुर मोतीराम मैं रहता है और उनके पिता सेंचुरी पेपर मिल से सेवानिवृत्ति हैं जबकि माता गृहणी है. जितेश के पिता कैलाश धारियाल ने बताया कि चंद्रयान 3 के लांचिंग के दिन उनका बेटा मिशन के प्रमुख हिस्से में शामिल था, चंद्रयान की सफल लैंडिंग पर परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है आसपास के लोग घर पहुंच बेटे को बधाई दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पहले से ही होनार है उसने इंटरमीडिएट की पढ़ाई आर्यमन विक्रम बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग हल्द्वानी से किया जहां 93.8 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण हुआ था जिसके बाद एनआईसी कुरुक्षेत्र में बीटेक इसके बाद इंद्रप्रस्थ गैस पर डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थे जहां फिर से सफलता पाते हुए जिसके बाद 9 जून 2022 को इसरो में चयन हुआ. और आज इसरो में मैकेनिकल वैज्ञानिक पद पर तैनात हैं।

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