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खटीमा: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर कांग्रेस का ‘मौन सत्याग्रह’; भुवन कापड़ी बोले- ‘संतों के बाल खींचना भाजपा का असली चेहरा’

खटीमा/उधम सिंह नगर:प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और साधु-संतों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड में कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को खटीमा …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 जन, 2026
खटीमा: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर कांग्रेस का ‘मौन सत्याग्रह’; भुवन कापड़ी बोले- ‘संतों के बाल खींचना भाजपा का असली चेहरा’

खटीमा/उधम सिंह नगर:प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और साधु-संतों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड में कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को खटीमा में उपनेता प्रतिपक्ष और विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 2 घंटे का मौन उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।

खटीमा में कांग्रेस का प्रदर्शन

शनिवार को खटीमा मुख्य चौक के पास स्थित शनि मंदिर प्रांगण में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां उन्होंने विधायक भुवन कापड़ी की अगुवाई में मुंह पर उंगली रखकर और काली पट्टी बांधकर 2 घंटे का सांकेतिक ‘मौन उपवास’ रखा।

​”हिंदू धर्म के ध्वज वाहक का अपमान”

मौन व्रत समाप्त होने के बाद भुवन कापड़ी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:

​”भाजपा खुद को हिंदुओं की पार्टी कहती है, लेकिन उनके राज में हिंदू धर्म के सर्वोच्च गुरु शंकराचार्य और संतों का अपमान हो रहा है। प्रयागराज में संतों के बाल खींचे गए, उन्हें स्नान से रोका गया। यह कृत्य हिंदू धर्म को शर्मसार करने वाला है। भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।”

​कांग्रेस ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भाजपा सरकार को संत समाज से माफी मांगनी चाहिए।

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