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लखीमपुर खीरी: गलत इलाज से नवजात की मौत, पिता ने शव लेकर डीएम से लगाई न्याय की गुहार

लखीमपुर खीरी : महेवागंज क्षेत्र में एक दुखद घटना में चिकित्सा लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। पीड़ित पिता विपिन गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर शिशु का शव थैले में रखकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की। घटना के अनुसार, भीरा क्षेत्र के गांव नौसर …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 अग, 2025
लखीमपुर खीरी: गलत इलाज से नवजात की मौत, पिता ने शव लेकर डीएम से लगाई न्याय की गुहार

लखीमपुर खीरी : महेवागंज क्षेत्र में एक दुखद घटना में चिकित्सा लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। पीड़ित पिता विपिन गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर शिशु का शव थैले में रखकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की।

घटना के अनुसार, भीरा क्षेत्र के गांव नौसर जोगी निवासी विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी (27 वर्ष) गर्भवती थी। प्रसव की जटिलताओं के कारण बिजुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इसी दौरान गांव की आशा कार्यकर्ता दीपा की सलाह पर परिवार ने रूबी को बुधवार देर रात महेवागंज के गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

अस्पताल में डॉ. हुकूमा गुप्ता और डॉ. मनीष गुप्ता ने 25 हजार रुपये की मांग की, जबकि विपिन के पास केवल 5 हजार रुपये थे। इलाज के दौरान रूबी की स्थिति बिगड़ने पर बृहस्पतिवार दोपहर अस्पताल की नर्स ने उन्हें जबरदस्ती छुट्टी दे दी। बाद में दूसरे निजी अस्पताल में जांच में पता चला कि गलत दवाई के कारण शिशु की गर्भ में ही मृत्यु हो गई थी।

पीड़ित पिता विपिन गुप्ता अपने मृत शिशु का शव थैले में लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा जहां सीडीओ अभिषेक कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता से मिलकर पूरी घटना बताई। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ और एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह तत्काल महेवागंज पहुंचे और गोलदार हॉस्पिटल को सील कर दिया।

यह घटना चिकित्सा व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही और निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को उजागर करती है। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई के बावजूद एक परिवार को अपनी संतान खोनी पड़ी है।

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