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उत्तराखंड में लैंड जिहाद, डेमोग्राफी बैलेंस बिगड़ने का खतरा, अब धामी सरकार का बुलडोजर एक्शन:

सड़कों से लगी वन भूमि भी निशाने पर हैं. इनके किनारे बड़े पैमाने पर इस तरह का अतिक्रमण हुआ है। बढ़ते जन दबाव पर सरकार भी अब एक्शन मोड में आ गई है। पिछले दो दिनों में दो बड़े फैसलों को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 21 अप्र, 2023
उत्तराखंड में लैंड जिहाद, डेमोग्राफी बैलेंस बिगड़ने का खतरा, अब धामी सरकार का बुलडोजर एक्शन:

सड़कों से लगी वन भूमि भी निशाने पर हैं. इनके किनारे बड़े पैमाने पर इस तरह का अतिक्रमण हुआ है।

बढ़ते जन दबाव पर सरकार भी अब एक्शन मोड में आ गई है।

पिछले दो दिनों में दो बड़े फैसलों को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने हाईवे और स्टेट हाईवे से 50 और सौ मीटर की हवाई दूरी तक निर्माण के लिए नक्शा अनिवार्य कर दिया है।

वहीं, वन भूमि पर धार्मिक स्थलों की आड़ में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक सीनियर आईएफएस की बतौर नोडल अफसर तैनाती कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नोडल अफसर पराग मधुकर धकाते से मिले संकेत बताते हैं कि जल्द ही बड़ा एक्शन होने वाला है।

जानकारों का मानना है कि डेमोग्राफिक चेंज के अपने खतरे तो हैं ही. माना जा रहा है कि सरकार पर हिंदूवादी संगठनों और खासकर आरएसएस का भी दबाव है।

वहीं, संघ से जुड़े वीर सावरकर संगठन के अध्यक्ष कुलदीप स्वेडिया का कहना है कि ये सरकार का स्वागत योग्य कदम है।

हम कई बार शासन-प्रशासन को लिखित रूप से धार्मिक स्थलों के नाम पर बढ़ रही घुसपैठ से अवगत करा चुके हैं।

बहरहाल, अब ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पहाड़ से लेकर मैदान तक धामी सरकार का बुलडोजर गरजते हुए नजर आएगा।

कहीं कोई अड़चन न आए, इसके लिए फॉरेस्ट एक्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग खंगाली जा रही है।

सेटेलाइट इमेजनरी से भी अतिक्रमण चिन्हित किया जा रहा है।

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