स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर निगम देहरादून द्वारा शहर की नदियों एवं नालों के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के उद्देश्य से “100 दिन एक मिशन – हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना’ अभियान बुधवार को शुरू किया गया। इस अभियान के तहत नगर निगम देहरादून एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से रिस्पना नदी में विशेष सफाई अभियान संचालित किया गया।अभियान के तहत रिस्पना नदी में जमा प्लास्टिक कचरा, ठोस अपशिष्ट एवं अन्य अवांछित सामग्री को हटाने के लिए 10 जेसीबी मशीनों, 10 डंपर 12ट्रैक्टर-ट्रॉलियों एवं सफाई कर्मियों की तैनाती की गई। सफाई के दौरान एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह को सुचारू बनाए रखने एवं प्रदूषण को कम करने में सहायता मिलेगी।


इस अवसर पर महापौर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी आशीष चौहान, नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा मौके पर सफाई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान माननीय महापौर सौरभ थपलियाल ने नदियों एवं नालों की नियमित सफाई, मानसून से पूर्व कचरा एवं मलबा हटाने, जनसहभागिता बढ़ाने तथा नदी-नालों में कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि नदियों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।


नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि अभियान के अंतर्गत शहर की प्रमुख नदियों एवं नालों में विशेष सफाई एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी को विशेष प्राथमिकता देते हुए इसके तटीय क्षेत्रों एवं आसपास के सभी क्षेत्रों में नियमित एवं व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। नदी के किनारे जमा कचरा, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट को हटाकर क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत कार्य किया जाएगा।
नगर निगम देहरादून नागरिकों से अपील करता है कि वे नदियों, नालों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा, प्लास्टिक अथवा निर्माण मलबा न डालें तथा शहर की जलधाराओं को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर देहरादून के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।