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देवभूमि उत्तराखंड में नहीं थम रहे लव जिहाद के मामले, समुदाय विशेष को मकान-दुकान खाली करने का अल्टीमेटम, उत्तरकाशी में पलायन शुरु:

ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो रहा है.उत्तराखंड के उत्तरकाशी के पुरौला में कथित लव जिहाद का मामला सामने आने के बाद जहां जगह-जगह समुदाय विशेष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं आंदोलन में शामिल लोगों की अपील पर अब स्थानीय लोगों ने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 जून, 2023
देवभूमि उत्तराखंड में नहीं थम रहे लव जिहाद के मामले, समुदाय विशेष को मकान-दुकान खाली करने का अल्टीमेटम, उत्तरकाशी में पलायन शुरु:

ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो रहा है.उत्तराखंड के उत्तरकाशी के पुरौला में कथित लव जिहाद का मामला सामने आने के बाद जहां जगह-जगह समुदाय विशेष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

वहीं आंदोलन में शामिल लोगों की अपील पर अब स्थानीय लोगों ने समुदाय विशेष के लोगों को किराये पर मकान-दुकान न देने का फैसला कर लिया है।

जिन लोगों ने किराये पर जगह दे रखी थी वह अब खाली करने का अल्टीमेटम दे रहे हैं.दुकानों के बाद अब उत्तरकाशी में समुदाय विशेष की एंट्री बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है।

लव जिहाद के ख़िलाफ़ आंदोलन चला रहे लोगों का दावा है कि बाहर के लोग पहाड़ों में आ कर ज्यादा किराये पर जगह लेते हैं, नुकसान में भी काम जारी रखते हैं क्योंकि इनका मकसद कुछ और होता है।

ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो अपने मकान दुकान समुदाय विशेष के लोगों को किराये पर न दें।

पुरौला में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रकाश डबराल बताते हैं कि उनकी अपील पर लोगों ने अमल शुरू कर दिया है।

15 जून के महापंचायत का इंतजार:

वहीं मकान मालिक कहते हैं कि वो समाज के साथ हैं. यदि सबका फैसला यही है कि ऐसे लोगों को किराए पर मकान-दुकान न दिये जाये तो वो नहीं देंगे।

जिन्होंने दे रखा है वो खाली करवाएंगे. ज्यादातर लोग पहले ही जा चुके हैं. कई मकान मालिक इस मुद्दे पर खुल कर बात नहीं करना चाहते और 15 तारीख़ के महापंचायत का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के आक्रोश और भावनाओं को देखते हुए ज्यादातर लोग ये निर्णय कर चुके हैं।

ऐसे में क्या आगे उत्तरकाशी के पुरौला, नौगांव, बरकोट और ऐसे तमाम इलाक़ों में समुदाय विशेष की नो एंट्री हो जाएगी?

मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानें बंद:

बता दें कि उत्तरकाशी के पुरौला में कथित लव जिहाद का मामला उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

26 मई की घटना के बाद 27 मई से ही मेन पुरौला बाज़ार में मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानें बंद है।

घटना के बाद पुरौला में विरोध प्रदर्शन भी हुआ था, जिस दौरान कुछ दुकानों के फ्लेक्स बोर्ड्स के साथ तोड़-फोड़ की गई थी।

देर रात इन दुकानों पर धमकी भरे पोस्टर भी लगाए गए जिसे बाद में पुलिस ने हटा दिया. स्थानीय व्यापार मंडल का कहना है कि उन्हें किसी समुदाय विशेष के दुकान खोलने से समस्या नहीं लेकिन स्थानीय लोगों में यदि आक्रोश है तो वो लोगों के साथ हैं।

नाबालिग लड़की को भगाने का प्रयास:

स्थानीय लोगों ने बताया कि 26 मई को एक नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर भगाने का प्रयास कर रहे दो लड़कों को पकड़ा गया, जिसमें से एक मुस्लिम समुदाय से है।

जानकारी के मुताबिक नाबालिग युवती अपने रिश्तेदारों के यहां छुट्टियों में आई हुई थी. मामला उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों ने ही दोनों युवकों को पुलिस चौकी में सौंप दिया।

जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी गांव में फैली लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वो सड़कों पर उतर आए. इसके बाद व्यापार मंडल भी इस रोष प्रदर्शन में शामिल हुआ।

रोजी रोटी का भी संकट:

घटना के बाद पुरौला में रहने वाले ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग गांव छोड़ कर जा चुके हैं. फिलहाल कुछ परिवार यहां रह जरूर रहे हैं लेकिन डर के मारे अपनी दुकानें बंद ही रख रहे हैं।

ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो रहा है. दुकानदार सैफ़ अली ने बताया कि वह 1989 से यहीं रह रहे हैं।

उनकी पुरानी सैलून की दुकान थी, माहौल ठीक नहीं इसलिये बंद रखा है. किसी ने सीधे धमकी नहीं दी है लेकिन डर बना हुआ है।

माहौल खराब होने के बाद से दुकान बंद:

वहीं मोहम्मद अबरार ने कहा कि रहने में डर नहीं है लेकिन माहौल खराब होने के बाद से दुकान बंद है।

रोजगार का संकट है. सैफ़ की मां संज़ीदा ने कहा कि हमने अपनी ज़िन्दगी यहीं बिता दी, मेरे पति नहीं रहे और अब एक लड़का है जिसका काम बंद है।

कहां जाएंगे क्या करेंगे. सैफ़ के मुताबिक़ यहां 40-50 मुस्लिम परिवार रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर पुरौला छोड़ चुके हैं।

ज्यादातर किरायेदार हैं बस चार-पांच लोगों का ही अपना घर है. व्यापार मंडल से उनकी बातचीत हुई थी।

उनसे कहा गया कि अभी माहौल गर्म है कुछ दिन शांत बैठें. स्थिति सामान्य होगी तब दुकानें खोल लेंगे।

दुकानों पर लगे धमकी भरे पोस्टर:

मुसलमानों के दुकान पर जो धमकी भरे पोस्टर लगाए गए वो देव भूमि रक्षा अभियान का नाम दिया गया है. 15 जून को महापंचायत आयोजित करने की बात भी कही गई है और इससे पहले लव-जिहादियों को उत्तरकाशी छोड़ने के लिये कहा गया है।

सोनू चड्ढा के मकान में मुस्लिम बाइक मैकेनिक पिछले कई सालों से दुकान चला रहा था लेकिन 26 मई की घटना के बाद उन्होंने उसे 15 जून तक दुकान खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है।

सोनू का कहना है कि समाज हित में उन्होंने ये फैसला लिया है।

ऐसे मामलों को ज्यादा न उछाला जाए: राज्यपाल

वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली में कथित लव जिहाद के बाद तनाव पर राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने कहा कि प्रशासन से मुख्यमंत्री ने भी बोला है कि ऐसे मामलों को ज्यादा न उछाला जाए, प्रशासन कार्रवाई करे और लोगों का भी आक्रोश शांत होना चाहिये।

वहीं उत्तरकाशी में महापंचायत पर क्षेत्रीय विधायक ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं लेकिन किसी को रहना है तो तरीके से रहें नहीं तो हमें कुछ न कुछ कदम तो उठाना ही पड़ेगा।

लव जिहाद जैसे काम करने वाले लोगों को समझना चाहिये कि यदि हमारे समाज के लोग भी उनकी बहन बेटियों के साथ ऐसा करने लगे तो उन्हें कैसा लगेगा।

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