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लखनऊ अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित

लखनऊ, 23 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 जून, 2026
लखनऊ अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित

लखनऊ, 23 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश छात्र और कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने जान बचाने के लिए भवन से बाहर निकलने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि भवन के भीतर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घना धुआं पूरे भवन में फैल गया, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए। कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों का सहारा लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या एयर कंडीशनिंग (AC) डक्ट में तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। हादसे के बाद प्रशासन ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों की भी जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

हादसे के संबंध में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा जांच और अग्निशमन नियमों का कड़ाई से पालन ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।

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