Menu
#Mumbai

ऋषिकेश–मसूरी में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण सील

विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप ऋषिकेश एवं मसूरी क्षेत्रों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रभावी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन की …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 13 फ़र, 2026
ऋषिकेश–मसूरी में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण सील

विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप ऋषिकेश एवं मसूरी क्षेत्रों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रभावी कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति अथवा अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा। एमडीडीए के अनुसार अवैध और अनियोजित निर्माण शहरी संरचना, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन तथा आधारभूत सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसलिए भवन निर्माण उपविधियों का पालन अनिवार्य है।

मसूरी क्षेत्र में अवैध व्यवसायिक निर्माण सील

मसूरी क्षेत्र के किमाड़ी मोटर मार्ग पर रोहित पुंडीर द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण के विरुद्ध प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। जांच में पाया गया कि उक्त निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यवसायिक उपयोग हेतु किया जा रहा था, जो भवन निर्माण उपविधियों का स्पष्ट उल्लंघन है।

यह कार्रवाई सहायक अभियंता श्री अजय मलिक, अवर अभियंता श्री अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में संपन्न की गई। प्राधिकरण ने दोहराया कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकते हैं।

ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर सख्ती

ऋषिकेश क्षेत्र में भी प्रवर्तन दल द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।

  • गली नंबर 5, वीरपुर खुर्द, सीमा डेंटल कॉलेज के निकट रीतु गुप्ता पत्नी अनिल गुप्ता द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को नियम विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया।
  • गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक में करमवीर सिंह द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी बिना वैध स्वीकृति के पाया गया, जिसके चलते सीलिंग की कार्रवाई की गई।

निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि दोनों निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे थे।

अवैध बहुमंजिला भवन पर ध्वस्तीकरण

वीरभद्र रोड, शिव मंदिर के निकट ऋषिकेश में भावेश जोशी द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूर्ण की गई। संबंधित निर्माण को पूर्व में नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, किंतु निर्धारित समयावधि में वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

यह कार्रवाई सहायक अभियंता श्री अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता श्रीमती पूनम सकलानी, श्री अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

सुनियोजित शहरी विकास के प्रति प्रतिबद्धता

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अनियमित विकास गतिविधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। भवन निर्माण उपविधियां यातायात व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, जल निकासी प्रणाली, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। इनकी अनदेखी भविष्य में शहरी अव्यवस्था और संरचनात्मक जोखिम को बढ़ा सकती है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए भवन निर्माण नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं वैधानिक अनुमति के किए गए निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और आधारभूत संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां सीलिंग, ध्वस्तीकरण एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सभी प्रवर्तन कार्रवाइयां नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुलिस बल की उपस्थिति में की जा रही हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां प्राधिकरण से विधिवत प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान जारी

एमडीडीए ने दोहराया है कि अवैध निर्माण, अतिक्रमण एवं अनियमित विकास गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। सुनियोजित, सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

Tagged:
Share This Article