मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों में संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई को भी निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से दागा गया एक अटैक ड्रोन दुबई के प्रतिष्ठित लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब के बाहरी हिस्से से टकरा गया, जिसके बाद वहां हल्की आग लग गई। हालांकि, दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया था, लेकिन उसका मलबा होटल की बाहरी संरचना से टकरा गया, जिससे मामूली आग लगी। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।
UAE पर 137 मिसाइल और 209 ड्रोन दागे
यूएई सरकार के अनुसार, ईरान ने उसके ऊपर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे। इनमें से अधिकांश को डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हमलों की जद में अबू धाबी और दुबई के अलावा कतर की राजधानी दोहा भी रही।
लगातार हो रहे हमलों के चलते पूरे मध्य पूर्व में हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने एहतियातन अपनी उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी हैं। दुबई और अबू धाबी से आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर भी असर पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पड़ोसी देशों पर हमले क्यों?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह रणनीति सोची-समझी है। यूएई और कतर जैसे खाड़ी देश मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी माने जाते हैं। माना जा रहा है कि तेहरान इन देशों पर दबाव बनाकर अमेरिका को अपने सैन्य अभियान रोकने के लिए मजबूर करना चाहता है।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार खाड़ी देशों ने अब तक ईरानी हमलों के बावजूद अमेरिका पर सीधा दबाव बनाने से परहेज किया है। इससे क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है।
मध्य पूर्व में बढ़ता यह टकराव वैश्विक राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।