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मुफ्ती हशीम बने दून के नए शहर काजी, चयन प्रक्रिया पर वक्फ बोर्ड और संगठनों ने उठाए सवाल

देहरादून: राजधानी देहरादून में मुफ्ती हशीम अहमद सिद्दीकी को नया शहर काजी नियुक्त किया गया है। जामा मस्जिद कमेटी की ओर से जारी घोषणा में कहा गया है कि समुदाय की सर्वसम्मति से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वक्फ बोर्ड ने नियुक्ति प्रक्रिया पर जताई आपत्ति नियुक्ति के कुछ …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 29 नव, 2025
मुफ्ती हशीम बने दून के नए शहर काजी, चयन प्रक्रिया पर वक्फ बोर्ड और संगठनों ने उठाए सवाल

देहरादून: राजधानी देहरादून में मुफ्ती हशीम अहमद सिद्दीकी को नया शहर काजी नियुक्त किया गया है। जामा मस्जिद कमेटी की ओर से जारी घोषणा में कहा गया है कि समुदाय की सर्वसम्मति से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वक्फ बोर्ड ने नियुक्ति प्रक्रिया पर जताई आपत्ति

नियुक्ति के कुछ ही समय बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बोर्ड का कहना है कि जामा मस्जिद कमेटी पहले ही भंग की जा चुकी है, ऐसे में किसी भी नई नियुक्ति को वैध नहीं माना जा सकता।

बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि शहर काजी जैसे महत्वपूर्ण पद की नियुक्ति से पहले वक्फ बोर्ड की राय लेना आवश्यक है, लेकिन उनके साथ कोई परामर्श नहीं किया गया। इसलिए यह नियुक्ति नियमानुसार नहीं मानी जा सकती।

मुस्लिम सेवा संगठन ने भी जताया विरोध

मुस्लिम सेवा संगठन ने भी शहर काजी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और समुदाय के प्रमुख संगठनों को विश्वास में नहीं लिया गया।

संगठन का आरोप है कि ऐसी नियुक्ति से समुदाय में भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

कमेटी का पक्ष

जामा मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति सामुदायिक सहमति के आधार पर की गई है और इस निर्णय का उद्देश्य शहर के धार्मिक मामलों में व्यवस्था और मार्गदर्शन सुनिश्चित करना है।

आगे क्या?

वक्फ बोर्ड जल्द ही इस नियुक्ति पर औपचारिक जांच की मांग कर सकता है। यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो नियुक्ति को निरस्त करने की सिफारिश भी संभव है।

इस बीच, समुदाय के भीतर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और सभी पक्ष समाधान की दिशा में बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।

 

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