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हरिद्वार में हड़ताल पर बैठे निगम कर्मचारी कार्रवाई की मांग पर अड़े

नगर निगम के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक दिन पहले हुए विवाद के बाद व्यापारियों ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल कर दी . आज सुबह से न तो सफाई कर्मचारियों ने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 10 जून, 2026
हरिद्वार में हड़ताल पर बैठे निगम कर्मचारी  कार्रवाई की मांग पर अड़े

नगर निगम के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक दिन पहले हुए विवाद के बाद व्यापारियों ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल कर दी . आज  सुबह से न तो सफाई कर्मचारियों ने सफाई कार्य किया और न ही निगम के कर्मचारियों ने कोई काम किया. मुख्य नगर आयुक्त के कार्यालय को छोड़कर नगर निगम के सभी कमरों में ताला लगा है.

संयुक्त मोर्चे के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं. निगम कर्मचारियों की हड़ताल के बाद शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है. शहर की सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं. उन्होंने पुलिस से अभद्रता करने वाले व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की. वहीं मुख्य नगर आयुक्त ने दावा किया कि वार्ता के बाद हड़ताल खुलवा दी जाएगी.

व्यापारियों ने इसका विरोध किया और धरना शुरू कर दिया. शाम को मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी के आश्वासन पर व्यापारियों ने तो धरना समाप्त कर दिया. लेकिन आज बुधवार सुबह निगम कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी. हड़ताल की वजह से हरिद्वार में एक भी कूड़ा वाहन ने कूड़ा नहीं उठाया और कहीं भी साफ सफाई का कार्य नहीं किया. हड़ताल को निगम के अन्य सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने समर्थन दिया. निगम कार्यालय में कोई भी अनुभाग नहीं खुला. मुख्य नगर आयुक्त के कार्यालय को छोड़कर सभी अनुभागों के दरवाजे पर ताला लटका मिला. हड़ताल से निगम कार्यालय में आने वाले स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम में नियमित, संविदा और आउटसोर्स को मिलाकर करीब 850 कर्मचारी कार्य करते हैं. पूरे नगर निगम क्षेत्र से करीब 200 टन कूड़ा निकलता है. यदि जल्द ही सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ तो शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी और स्थिति खराब हो सकती है. वहीं निगम के अनुभाग न खुलने से हाउस टैक्स और जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे कार्य न होने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

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