Menu
#वृंदावन

मसूरी : नाग देवता की भव्य कलश यात्रा का आयोजन

Mussoorie: Organized a grand Kalash Yatra of Nag Devta रिपोर्टर ,,,,सतीश कुमार मसूरी : ग्राम क्यारकुली भट्टा के भगवान नाग देवता मंदिर में आयोजित 13वां महारूद्र यज्ञ एवं शिव महापुराण कथा के उपलक्ष में क्यारकुली गांव से भट्टा गांव व मसूरी देहरादून मुख्यमार्ग होते हुए कार्टमेंकंजी रोड स्थित भगवान नाग …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 25 जुल, 2022
मसूरी : नाग देवता की भव्य कलश यात्रा का आयोजन

Mussoorie: Organized a grand Kalash Yatra of Nag Devta

रिपोर्टर ,,,,सतीश कुमार मसूरी : ग्राम क्यारकुली भट्टा के भगवान नाग देवता मंदिर में आयोजित 13वां महारूद्र यज्ञ एवं शिव महापुराण कथा के उपलक्ष में क्यारकुली गांव से भट्टा गांव व मसूरी देहरादून मुख्यमार्ग होते हुए कार्टमेंकंजी रोड स्थित भगवान नाग देवता मंदिर तक भगवान नाग देवता की भव्य डोली व कलश शोभायात्रा के रूप में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकाली गई।

Uksssc परीक्षा धांधली का STF ने किया खुलासा! 6 गिरफ्तार

भगवान नागदेवता की डोली व कलश शोभायात्रा पारपंरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकाली गई व रास्ते भर भक्तों ने नृत्य कर व भगवान शिव व नागदेवता के जयकारे लगाते हुए मंदिर तक पहुंचे जहां मंदिर समिति ने शोभा यात्रा का स्वागत किया.

उत्तराखंड: covid-19 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

उसके बाद अपराहन से महाशिव पुराण कथा आयोजित की गई जिसका समापन दो अगस्त को नाग पंचमी के दिन भंडारे के साथ होगा. इस संबंध में जानकारी देते हुए जितेंद्र सिंह रावत ने बताया ग्राम क्यारकुली भट्टा की धरती नाग देवता की धरती है जो इस क्षेत्र का ईष्टदेव है।

दुःखद: अशोक कुमार की मां सावित्री देवी का निधन, शोक की लहर

इस क्षेत्र में नाग पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है इससे पूर्व नौ दिनों मंदिर में शिव पुराण की कथा होगी जो नागपंचमी के दिन समाप्त होगी इस मौके पर मुख्य पुजारी वीर सिंह ने बताया कि नाग पंचमी से नौ दिन पूर्व भगवान नाग देवता की पालकी व भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है जिसमें आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के श्रद्धालु शामिल होते है व नाग देवता की डोली के दर्शन कर शोभायात्रा में पैदल चल कर पुण्य कमाते हैं.

आपदा से निपटने के इंतजामों और अवैध निर्माण पर कमिश्नर की नज़र

वहीं इसमें मसूरी, देहरादून व अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं नाग मंदिर में नौ दिनों तक पालकी की पूजापाठ होगी व नाग पंचमी के दिन पूजा अर्चना के बाद पालकी अपने मूल थान में वापस चली जायेगी नाग पंचमी के दिन ही महाशिव पुराण कथा का समापन भी होगा व भंडारे का आयोजन किया जायेगा।

Tagged:
Share This Article