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मसूरी: दलित उत्पीड़न को लेकर गंभीर नहीं है राज्य सरकार

Mussoorie: State government is not serious about Dalit oppression रिपोर्टर,,,सतीश कुमार मसूरी : मसूरी पहुंचे पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार दलित उत्पीड़न को लेकर संवेदनशील नहीं है उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी में एक दलित नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 11 सित, 2022
मसूरी: दलित उत्पीड़न को लेकर गंभीर नहीं है राज्य सरकार

Mussoorie: State government is not serious about Dalit oppression

रिपोर्टर,,,सतीश कुमार मसूरी : मसूरी पहुंचे पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार दलित उत्पीड़न को लेकर संवेदनशील नहीं है उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी में एक दलित नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में सरकार का कोई भी जनप्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा और एक ही सप्ताह के भीतर अल्मोड़ा में एक दलित नेता की हत्या कर दी जाती है उसके बाद उत्तरकाशी में एक नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म की घटना यह दर्शाती है कि सरकार दलितों कितनी हितैषी है।

उन्होंने बताया कि दलित युवती के साथ दुष्कर्म के आरोपी को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है और ऊंचे रसूख वालों के दबाव के चलते दलित युवती न्याय के लिए दर-दर भटक रही है साथ ही पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल कर रही थी जिसके बाद पुलिस पर दबाव बनाकर प्राथमिकी दर्ज की गई
पत्रकारों द्वारा पूछे गए भर्ती घोटाले के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करती आ रही है लेकिन प्रदेश के मुखिया भ्रष्ट अधिकारियों और प्रतिनिधियों को बचाने का काम कर रहे है.

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस पार्टी ने उठाया है और मांग की है कि भर्ती घोटाले में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा आज खुद को ठगा महसूस कर रहा है और बैक डोर से भर्तियां हो रही है साथ ही अपने चहेतों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता से जगह दी जा रही है जो कि उत्तराखंड के लिए घातक है साथ ही इससे युवा वर्ग परेशान है।

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