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नशामुक्त भारत अभियान को मिली नई गति, केंद्र सरकार और गायत्री परिवार की संयुक्त पहल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

केंद्र सरकार का ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ देश को व्यसनमुक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल है। अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के साथ साझेदारी की है। इस संयुक्त प्रयास …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 27 जून, 2026

केंद्र सरकार का ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ देश को व्यसनमुक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल है। अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के साथ साझेदारी की है। इस संयुक्त प्रयास के तहत देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।

 

देश को नशे के चंगुल से मुक्त कराने और युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था अखिल विश्व गायत्री परिवार के साथ मिलकर नशामुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। इस साझेदारी के तहत देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा, जिससे करोड़ों लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।

विश्व मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर आयोजित नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन शुक्रवार को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में हुआ। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर देशभर में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगी।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि नशा मुक्ति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने से होती है। उन्होंने कहा कि परिवार, समाज, राज्य और राष्ट्र को नशे जैसी सामाजिक बुराई से मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भी लोगों से दुर्व्यसनों से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की।कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाजसेवियों और विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड की नौनी सोसाइटी की अध्यक्ष नलिनी गोसाईं  को नशा मुक्ति मित्र अवॉर्ड से सम्मानित किया गया ।

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