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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: देहरादून में आरटीओ ने शुरू किया व्यापक जनजागरूकता अभियान

देहरादून: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून के माध्यम से शहरभर में जनजागरूकता और प्रवर्तन से जुड़ी व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह अभियान 16 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 22 जन, 2026
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: देहरादून में आरटीओ ने शुरू किया व्यापक जनजागरूकता अभियान

देहरादून: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून के माध्यम से शहरभर में जनजागरूकता और प्रवर्तन से जुड़ी व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह अभियान 16 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करना है।
अभियान के अंतर्गत देहरादून के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें शराब पीकर वाहन न चलाने, ट्रिपल राइडिंग से बचने, राइडर व पिलियन दोनों के लिए हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग, रेड लाइट जंप न करने, एम्बुलेंस को रास्ता देने और यातायात नियमों के पालन जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही किशोरों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत कड़ी कार्रवाई के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

सड़क सुरक्षा माह के दौरान अभियान को केवल चालान और दंड तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए नियमों का पालन करने वाले जिम्मेदार नागरिकों को सम्मानित और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने वाले वाहन चालकों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

विशेष रूप से “Responsible Parents / Responsible Mother” की अवधारणा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके तहत उन माताओं को सम्मानित किया जा रहा है जो दोपहिया वाहन पर बच्चों को स्कूल ले जाते समय स्वयं हेलमेट पहनती हैं और चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को भी हेलमेट पहनाती हैं।

बच्चों में प्रारंभ से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से स्कूल स्तर पर ड्रॉइंग, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। चयनित पोस्टर और चित्रों को सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है।

ओवर स्पीडिंग के विरुद्ध स्पीड रडार गन के माध्यम से प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पोस्टर और बैनर के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि स्पीड नियंत्रण का उद्देश्य चालान नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा है।

इसके अतिरिक्त वर्ष 2026 में देहरादून में प्रस्तावित चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जहां बच्चों को इंटरैक्टिव तरीके से यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा व्यवहार की जानकारी दी जाएगी।

अभियान के तहत वाहन चालकों, परिचालकों, यूनियनों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद, संगोष्ठियां, जागरूकता रैलियां आयोजित की जा रही हैं। साथ ही रोड सेफ्टी मैराथन और रोड सेफ्टी कार्निवल जैसे आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां भी जारी हैं।

यह अभियान घंटाघर, दिलाराम चौक, सहारनपुर रोड, दर्शनलाल चौक, कनक चौक, लैंसडाउन चौक, रेसकोर्स, गांधी पार्क, आईटी पार्क, रायपुर रोड, ईस्ट कैनाल रोड, ऋषपना, आईएसबीटी, बल्लूपुर, प्रेमनगर, एफआरआई सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंच सके।

परिवहन विभाग, उत्तराखंड ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित वाहन चलाएं और सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने में सहयोग करें।

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