Menu
#अंतराष्ट्रीय

उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की आस्था के आगे प्रकृति भी नतमस्तक ठंड और बर्फबारी से भीड़ में नहीं कोई कमी:

चारों धाम में दिनभर तीर्थ यात्रियों की आवाजाही बनी रही। केदारनाथ में प्रशासन की अनुकूल मौसम में दर्शन की सलाह भी तीर्थ यात्रियों के कदम नहीं रोक सकी। पूरे दिन में 47,484 तीर्थ यात्रियों ने चारों धाम में दर्शन किए। वहीं, खराब मौसम का असर हेली सेवाओं पर भी पड़ा। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 28 अप्र, 2023
उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की आस्था के आगे प्रकृति भी नतमस्तक ठंड और बर्फबारी से भीड़ में नहीं कोई कमी:

चारों धाम में दिनभर तीर्थ यात्रियों की आवाजाही बनी रही।

केदारनाथ में प्रशासन की अनुकूल मौसम में दर्शन की सलाह भी तीर्थ यात्रियों के कदम नहीं रोक सकी।

पूरे दिन में 47,484 तीर्थ यात्रियों ने चारों धाम में दर्शन किए।

वहीं, खराब मौसम का असर हेली सेवाओं पर भी पड़ा।

केदारनाथ के लिए हवाई सेवाएं रुक-रुककर संचालित की गईं।

रुक-रुककर बर्फबारी और वर्षा का क्रम जारी:

चारों धाम में इन दिनों रुक-रुककर बर्फबारी और वर्षा का क्रम जारी है।

इससे तापमान शून्य से नीचे भी चला जा रहा है।

गुरुवार को बदरीनाथ धाम के कपाट बर्फबारी के बीच खोले गए।

वहीं, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री में सुबह मौसम ठीक था और हल्के बादल छाए हुए थे।

दोपहर बाद इन तीनों धाम में भी मौसम ने करवट बदल ली।

केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फबारी तो गंगोत्री में वर्षा होने लगी।

इससे पारा भी गिर गया।

बावजूद इसके तीर्थ यात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

धामों में कड़ाके की ठंड के बीच छाता और बरसाती के सहारे कतार में लगे तीर्थ यात्रियों की दर्शन को लेकर उत्सुकता देखते ही बन रही थी।

दिनभर में गंगोत्री में 6705, यमुनोत्री में 7714, केदारनाथ में 13,065 और बदरीनाथ में 20,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

4000 तीर्थ यात्रियों को लिनचोली और भीमबली में ठहराया:

बर्फबारी से केदारनाथ में ठंड बढ़ गई है।

पैदल मार्ग पर कीचड़ हो गया है, जिससे यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

यात्रा पड़ावों पर भी यही हाल है।

खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ से लौटने वाले कुछ तीर्थ यात्रियों को पुलिस ने लिनचोली व भीमबली में रोक लिया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया।

Tagged:
Share This Article