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जम्मू-कश्मीर में प्रकृति का कहर, भूस्खलन और बादल फटने से 10 मरे

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में शनिवार तड़के प्रकृति के कहर ने एक बार फिर तबाही मचाई। रियासी जिले में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत और रामबन में बादल फटने से 3 की जान जाने के साथ कुल 10 लोगों की मृत्यु हो गई। यह क्षेत्र हाल के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 अग, 2025
जम्मू-कश्मीर में प्रकृति का कहर, भूस्खलन और बादल फटने से 10 मरे

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में शनिवार तड़के प्रकृति के कहर ने एक बार फिर तबाही मचाई। रियासी जिले में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत और रामबन में बादल फटने से 3 की जान जाने के साथ कुल 10 लोगों की मृत्यु हो गई। यह क्षेत्र हाल के दिनों में लगातार प्राकृतिक आपदाओं का शिकार बन रहा है।

रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में शनिवार तड़के बादल फटने से दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश और बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया। कम से कम दो लोग अभी भी लापता हैं, जिन्हें खोजने के लिए बचाव अभियान जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

जम्मू

रियासी में भूस्खलन से परिवार दब गया

इसके तुरंत बाद रियासी जिले के माहौर इलाके के बद्दर गांव में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। इस हादसे में एक पूरा परिवार मलबे में दब गया। घर के मालिक नजीर अहमद, उनकी पत्नी और पांच नाबालिग बेटों के मारे जाने की आशंका है। बचाव टीम लापता परिवार की खोज में लगी हुई है, लेकिन भारी मलबे के कारण काम में बाधा आ रही है।

पिछली घटनाओं की श्रृंखला

ये घटनाएं हाल की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा हैं। 26 अगस्त को कटरा के वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन में 35 श्रद्धालुओं की जान गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। उसी दिन डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ से चार लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 14 अगस्त को मचैल माता मंदिर के रास्ते में चिसोती गांव में बादल फटने से 60 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि कई लापता हो गए और सैकड़ों घायल हुए।

वैष्णो देवी में हुई त्रासदी के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पर खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद तीर्थयात्राओं की अनुमति देने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में सिन्हा ने वैष्णो देवी मंदिर में हुए भूस्खलन के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।

जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा की अध्यक्षता में गठित इस समिति में जम्मू के संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक भी शामिल हैं। समिति को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसमें घटना के कारणों का विश्लेषण, बचाव कार्यों का आकलन और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने होंगे।

मूसलाधार बारिश और अचानक मौसम परिवर्तन के कारण जम्मू-कश्मीर समेत उत्तरी राज्य लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बादल फटना और भूस्खलन की घटनाएं भारी बारिश के कारण होती हैं, जिसमें एक घंटे के भीतर 100 मिमी तक बारिश हो सकती है।

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