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NCRB रिपोर्ट में खुलासा: अवैध असलहा रखने में उत्तराखंड पहाड़ी राज्यों में नंबर वन, देश में सातवें स्थान पर

नैनीताल: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2023 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अवैध असलहा रखने के मामलों में उत्तराखंड पहाड़ी राज्यों में पहले और देश में सातवें स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में राज्य में 1767 लोगों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 09 अक्ट, 2025
NCRB रिपोर्ट में खुलासा: अवैध असलहा रखने में उत्तराखंड पहाड़ी राज्यों में नंबर वन, देश में सातवें स्थान पर

नैनीताल: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2023 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अवैध असलहा रखने के मामलों में उत्तराखंड पहाड़ी राज्यों में पहले और देश में सातवें स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में राज्य में 1767 लोगों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें से 1184 लोगों के पास अवैध और चार लोगों के पास वैध असलहे पाए गए।

अवैध असलहा बन रहा ‘शौक’

रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कई लोग वैध और अवैध हथियारों को रखने को प्रतिष्ठा और शौक का प्रतीक मानने लगे हैं। सोशल मीडिया पर असलहों के साथ फोटो और वीडियो वायरल करना आम चलन बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर इस तरह के प्रदर्शन से युवाओं में गलत संदेश जा रहा है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा मामले

रिपोर्ट में बताया गया है कि ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में असलहा रखने और उसके दुरुपयोग के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं। छोटी-छोटी बातों पर गोली चलाने की घटनाएं भी इन जिलों में लगातार बढ़ रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई

राज्य पुलिस ने वर्ष 2023 में कुल 1767 मामलों में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। इनमें से 1184 अवैध असलहे बरामद किए गए, जबकि चार वैध हथियारों को भी जब्त किया गया क्योंकि उनका दुरुपयोग किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते अवैध हथियारों के चलन पर नियंत्रण के लिए की जा रही है।

अपराधों में बढ़ा इस्तेमाल

रिपोर्ट के मुताबिक, अवैध असलहों का इस्तेमाल हत्या, जान से मारने की कोशिश और अन्य गंभीर आपराधिक वारदातों में सबसे अधिक हुआ। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में यह राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

जागरूकता और सख्ती की जरूरत

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध हथियारों के प्रति बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान और पुलिस की सख्त निगरानी जरूरी है। साथ ही, हथियार लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी एवं सख्त बनाने की आवश्यकता बताई गई है।

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