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उत्तराखंड में “अरोमा क्रांति” की नई राह: अजय पंवार की पहल को राज्य सहकारी संघ ने सराहा

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरे धार क्षेत्रीय विकास संस्थान के संस्थापक अजय पाल सिंह पंवार ने आज उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड (यूसीएफ) के प्रबंध निदेशक आनंद ए. डी. शुक्ला से भेंट की। इस अवसर पर अजय पंवार ने औषधीय और सुगंधित पौधों …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 16 जुल, 2025
उत्तराखंड में “अरोमा क्रांति” की नई राह: अजय पंवार की पहल को राज्य सहकारी संघ ने सराहा

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरे धार क्षेत्रीय विकास संस्थान के संस्थापक अजय पाल सिंह पंवार ने आज उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड (यूसीएफ) के प्रबंध निदेशक आनंद ए. डी. शुक्ला से भेंट की। इस अवसर पर अजय पंवार ने औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती के क्षेत्र में अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

पंवार ने बताया कि विगत आठ वर्षों में उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से उत्तराखंड के नौ पर्वतीय जिलों में 15,000 से अधिक किसानों को रोजमेरी, लैवेंडर, थायम और डंडेलिओन जैसी विदेशी सुगंधित फसलों की खेती से जोड़ा है। इस पहल ने न केवल ग्रामीण आजीविका के लिए नए अवसर सृजित किए हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी हर्बल दिशा दी है।

देहरादून के थानों क्षेत्र में रॉकहिल एग्रीटेक संस्था द्वारा स्थापित अत्याधुनिक ‘पौधा ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला’ (प्लांट टिशू कल्चर लैब) के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता और रोगमुक्त पौध उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके साथ ही ‘पहाड़ी नैचुरल्स’ ब्रांड के अंतर्गत किसानों से सीधे गाँव में ही पूर्व निर्धारित दरों पर उत्पाद खरीदे जाते हैं, जिन्हें महिला समूहों द्वारा संसाधित कर मूल्य संवर्धन किया जाता है। इससे गाँव की महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिला है। आज ‘पहाड़ी नैचुरल्स’ के हर्बल उत्पादों की मांग देश-विदेश तक फैल चुकी है, और यह उत्तराखंड की ग्राम्य अर्थव्यवस्था का गर्व बन चुका है।

अजय पंवार की दूरदृष्टि औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती को पर्यटन से जोड़ने की है। वे ‘अरोमा टूरिज्म’ की अवधारणा को बढ़ावा देकर उत्तराखंड को ‘अरोमा वैली’ के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहते हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय युवाओं व महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।

राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद ए. डी. शुक्ला ने धार संस्थान के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा, “इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने की अपार संभावनाएं हैं। हम भविष्य में इस संस्थान के साथ मिलकर कार्य करने के इच्छुक हैं।”

बैठक में संयुक्त परियोजनाओं, पौध वितरण, विपणन तंत्र और महिला समूहों की भागीदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधक टी. एस. रावत, प्रबंधक सुशील तिवारी (यूसीएफ), संस्थापक अजय पाल सिंह पंवार, धार संस्थान प्रतिनिधि रामेश्वर बर्खाल और प्रदेश निदेशक (एनएफसीडी) सतीश राणा भी उपस्थित रहे।

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