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बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू होने की उम्मीदें तेज, केंद्र को भेजा गया नया प्रस्ताव

देहरादून: – राजधानी देहरादून में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ हुए राज्यों के मंत्रियों के सम्मेलन के बाद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विशेष रूप से बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 जुल, 2025
बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू होने की उम्मीदें तेज, केंद्र को भेजा गया नया प्रस्ताव

देहरादून: – राजधानी देहरादून में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ हुए राज्यों के मंत्रियों के सम्मेलन के बाद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विशेष रूप से बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

नया प्रस्ताव और व्यापक योजना

राज्य सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार को एक ठोस प्रस्ताव भेजा है, जिसमें निम्नलिखित हेली सेवाओं की मांग की गई है:

  • देहरादून से बदरीनाथ
  • देहरादून से जोशीमठ
  • देहरादून से पिथौरागढ़
  • पिथौरागढ़ से धारचूला
  • धारचूला से मुनस्यारी

केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ सेवा

वर्तमान में केदारनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसी सफलता को देखते हुए अब बदरीनाथ धाम के लिए भी समान सुविधा की मांग की जा रही है। इससे पहले कई कंपनियों ने इस सेवा में रुचि दिखाई थी, लेकिन केंद्र सरकार की स्वीकृति के अभाव में ये सेवाएं शुरू नहीं हो पाई थीं।

सरकारी अधिकारी की टिप्पणी

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन सचिव सचिन कुर्वे के अनुसार, “इस बार बेहतर प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में इस दिशा में कुछ सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।”

यात्रियों को होने वाले फायदे

  • यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी
  • यात्रा समय में भारी कमी आएगी
  • भक्तों की संख्या में वृद्धि होगी
  • बुजुर्गों और शारीरिक रूप से कमजोर यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा

हेमकुंड साहिब के लिए भी उम्मीदें

इस प्रस्ताव में जोशीमठ से हेमकुंड साहिब के लिए भी स्थायी हेली सेवा शुरू करने की बात कही गई है। यह सेवा सिख तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी।

चुनौतियां और संभावनाएं

लंबे समय से केंद्र सरकार से इस विषय पर बातचीत चल रही है। भौगोलिक कठिनाइयों और मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद, राज्य सरकार इस योजना को लेकर आशान्वित है।

 

 

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