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मणिपुर में ‘ऑपरेशन क्लीन’: गृह मंत्रालय के निर्देश पर बड़ा एक्शन; 48 घंटे में भारी मात्रा में हथियार बरामद, करोड़ों की अफीम की खेती नष्ट.

इंफाल/नई दिल्ली (10 फरवरी 2026): गृह मंत्रालय के सख्त निर्देशों के बाद मणिपुर की नवनिर्वाचित सरकार एक्शन मोड में आ गई है। राज्य में शांति बहाली और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने ‘असामाजिक तत्वों’ और ‘नार्को-टेररिज्म’ के खिलाफ एक साथ दो मोर्चों पर बड़ा अभियान …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 10 फ़र, 2026
मणिपुर में ‘ऑपरेशन क्लीन’: गृह मंत्रालय के निर्देश पर बड़ा एक्शन; 48 घंटे में भारी मात्रा में हथियार बरामद, करोड़ों की अफीम की खेती नष्ट.

इंफाल/नई दिल्ली (10 फरवरी 2026): गृह मंत्रालय के सख्त निर्देशों के बाद मणिपुर की नवनिर्वाचित सरकार एक्शन मोड में आ गई है। राज्य में शांति बहाली और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने ‘असामाजिक तत्वों’ और ‘नार्को-टेररिज्म’ के खिलाफ एक साथ दो मोर्चों पर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पिछले 48 घंटों में असम राइफल्स, सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है और नशे के कारोबार पर बड़ी चोट की गई है।

मणिपुर में ‘ऑपरेशन क्लीन’: गृह मंत्रालय के निर्देश पर बड़ा एक्शन; 48 घंटे में भारी मात्रा में हथियार बरामद, करोड़ों की अफीम की खेती नष्ट.

हथियारों का जखीरा बरामद: ड्रोन और डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल असम राइफल्स के अधिकारियों के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

काकचिंग जिला (पल्लेल): यहाँ ड्रोन और मेटल डिटेक्टर की मदद से एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया। इसमें 1 AK-47 राइफल, 1 पिस्तौल, 2 इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार, 1 सिंगल बैरल राइफल और 14 IED (Improvised Explosive Devices) बरामद हुए। साथ ही जिंदा मोर्टार बम और विस्फोटक सामग्री भी मिली।

इंफाल पूर्व (नोंगडैम): सोमवार को यहाँ 2 सिंगल-बैरल राइफल, .303 राइफल, 4 पिस्तौल (9mm) और 3 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। बरामद IED को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।

‘नार्को-इकोनमी’ पर प्रहार: 7 एकड़ अफीम की खेती नष्ट हथियारों के अलावा, सुरक्षा बलों ने अवैध ड्रग्स के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए भी अभियान चलाया है।

कांगपोकपी जिला: शोंगलोंग इलाके में असम राइफल्स और पुलिस ने लगभग 7 एकड़ में फैली अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। यहाँ से करीब 50 किलोग्राम अफीम और ड्रग्स बनाने का सामान मिला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।

म्यांमार कनेक्शन: मौके से एक बर्मी (म्यांमार की) ‘केनबो मोटरसाइकिल’ भी जब्त की गई है, जो सीमा पार से तस्करी की ओर इशारा करती है।

 अफीम की खेती को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा घोषित करें’ इस बीच, ‘मैतेई एलायंस’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि मणिपुर में अवैध अफीम की खेती को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरण आपातकाल’ घोषित किया जाए। संगठन का दावा है कि राज्य में हिंसा और अस्थिरता का मुख्य कारण यह ‘नार्को-इकोनमी’ ही है। उन्होंने म्यांमार सीमा (398 किमी) पर सुरक्षा बढ़ाने और एक केंद्रीय टास्क फोर्स (Central Task Force) के गठन की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट (Myanmar Opium Survey 2025) के अनुसार, म्यांमार अब दुनिया में अवैध अफीम का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर खतरा बढ़ गया है।

 

 

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