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केदारनाथ यात्रा से पहले आक्रोश: व्यापारियों का आमरण अनशन शुरू, स्थानीय उपेक्षा पर फूटा गुस्सा

रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है, लेकिन इससे पहले केदार घाटी में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों के आवंटन को लेकर प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के बीच ठन गई है। प्रशासन द्वारा निविदा …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 मा, 2026
केदारनाथ यात्रा से पहले आक्रोश: व्यापारियों का आमरण अनशन शुरू, स्थानीय उपेक्षा पर फूटा गुस्सा

रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है, लेकिन इससे पहले केदार घाटी में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों के आवंटन को लेकर प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के बीच ठन गई है। प्रशासन द्वारा निविदा प्रक्रिया को निरस्त न किए जाने के विरोध में आक्रोशित व्यापारियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री के आश्वासन के उल्लंघन का आरोप

​आंदोलनकारी व्यापारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में गुप्तकाशी में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वस्त किया था कि अगले पांच वर्षों तक दुकानों का संचालन यथावत जारी रहेगा। व्यापारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन अब मुख्यमंत्री के उस आश्वासन को दरकिनार कर लॉटरी प्रणाली के माध्यम से दुकानों का आवंटन करने जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार, यह निर्णय सीधे तौर पर स्थानीय हक-हकूकधारियों के अधिकारों का हनन है।

​”यह हमारे अस्तित्व और आजीविका की लड़ाई है। प्रशासन का नया फरमान स्थानीय लोगों को उनके ही क्षेत्र में बेदखल करने जैसा है। जब तक निविदा प्रक्रिया रद्द नहीं होती, हमारा अनशन जारी रहेगा।” – स्थानीय व्यापारी

​आजीविका के संकट से डरे व्यापारी

​व्यापारियों का तर्क है कि ये कच्ची दुकानें ही उनके परिवारों के पालन-पोषण का एकमात्र साधन हैं। लॉटरी प्रणाली आने से कई पुराने व्यापारियों के हाथ से रोजगार छिनने का डर है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। अनशनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा।

​जन प्रतिनिधियों का मिला समर्थन

​व्यापारियों के इस आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी भारी समर्थन मिल रहा है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला और व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने अनशन स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों की मांगों को जायज ठहराया। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने की अपील की है ताकि यात्रा सीजन से पहले शांति व्यवस्था बनी रहे।

​अनशन पर बैठे मुख्य आंदोलनकारी

​आमरण अनशन के पहले दिन केदार घाटी के प्रमुख व्यापारिक नेता और स्थानीय लोग धरने पर बैठे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

​संदीप पुष्वाण (अध्यक्ष, केदार घाटी श्रद्धालु सेवा समिति)

​वीरेन्द्र सिंह कोटवाल

​जसवंत सिंह बिष्ट

​यशपाल सिंह पंवार

​जसपाल सिंह पंवार

​चंद्र मोहन सिंह चौहान

​प्रेम सिंह रावत

​इस अवसर पर सुनील भट्ट, विजेन्द्र राणा, सुषमा, यशवीर सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है, क्योंकि यात्रा की तैयारियों के बीच यह अनशन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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