Menu
#उधम सिंह नगर

दिल्ली से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस, हिन्दू शरणार्थी बनकर राजधानी आया, 6 साल पहले मिली थी भारत की नागरिकता.

राजस्थान पुलिस ने साल 2016 में भारतीय नागरिकता पाने वाले 46 साल के हिंदु शरणार्थी को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई यपुर की सीआईडी इंटेलीजेंस पुलिस (CID Intelligence Police) ने की. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्त का …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 22 अग, 2022
दिल्ली से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस, हिन्दू शरणार्थी बनकर राजधानी आया, 6 साल पहले मिली थी भारत की नागरिकता.

राजस्थान पुलिस ने साल 2016 में भारतीय नागरिकता पाने वाले 46 साल के हिंदु शरणार्थी को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई यपुर की सीआईडी इंटेलीजेंस पुलिस (CID Intelligence Police) ने की. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्त का नाम भागचंद है और उसका जन्म पाकिस्तान में हुआ था।

वह साल 1998 में अपने परिवार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में आया था और दिल्ली में संजय नगर का रह रहा था. उसे साल 2016 में भारतीय नागरिकता मिली थी और उसने राजधानी में ही टैक्सी ड्राइवर और मजदूर के रूप में काम करना शुरू किया था.

फिलहाल जयपुर की सीआईडी इंटेलीजेंस पुलिस ने उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. DG (खुफिया) उमेश मिश्रा ने बताया, “वह पिछले तीन-चार साल से अपने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। 

 उन्हें पैसे के बदले भारतीय मोबाइल नंबर और सिम कार्ड मुहैया करा रहा था.” DG ने बताया कि भागचंद पाकिस्तान में अपने आकाओं को भारतीय नंबर उपलब्ध करवाकर सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में उनकी मदद की है. वह अकाउमट बनाते वक्त इन नंबरों से जारी किया गया ओटीपी को उनसे साझा करता था और फिर सिम कार्ड को कपड़ों और मसालों के पैकेट में छिपाकर पार्सल द्वारा मुंबई भेज देता था। 

एक और जासूस ने दी थी जानकारी.

उन्होंने कहा कि भागचंद का नाम एक अन्य व्यक्ति नारायण लाल गदरी से पूछताछ के दौरान सामने आया, दरअसल नारायण को पिछले दिनों भीलवाड़ा से गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान नारायणलाल ने भागचंद का नाम लेते हुए बताया कि वह पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों को मोबाइल सिम नंबर उपलब्ध करवाता था. उसने बताया कि वह दिल्ली में भागचंद की मदद से कई बार मोबाइल सिम जारी करवाकर इन नंबरों को चालू करवाया. फिर इन नंबर से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ओटीपी नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स को बताकर मोटी रकम हासिल। 

Tagged:
Share This Article