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देहरादून में बच्चा होते ही खौफ में माँ बाप !

देहरादून में बच्चा होते ही खौफ में माँ बाप ! : हर लड़की का सपना होता है कि जब वो माँ बनेगी तो उसका घर आँगन किलकारी की मधुर संगीत से भर जायेगा। पिता बनने की ख़ुशी हो या दादा – दादी बनने पर बुजुर्गों का उत्साह हमारे परिवारों में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 जून, 2025
देहरादून में बच्चा होते ही खौफ में माँ बाप !

देहरादून में बच्चा होते ही खौफ में माँ बाप ! :  हर लड़की का सपना होता है कि जब वो माँ बनेगी तो उसका घर आँगन किलकारी की मधुर संगीत से भर जायेगा। पिता बनने की ख़ुशी हो या दादा – दादी बनने पर बुजुर्गों का उत्साह हमारे परिवारों में नए मेहमान का आना किसी दैवीय आशीर्वाद से कम नहीं होता है। लेकिन इसी खुशियों पर खौफ और चिंता जब हावी हो जाती है तो क्या माता पिता और क्या बूढ़े बुजुर्ग सब एक डर से परेशान हो जाते हैं क्योंकि खबर लगते आ जाते हैं वो और करने लगते हैं अपनी अमानवीय और  मनमानी फरमाइशें .. कौन है वो जिसका खौफ शिशु के जन्म की खुशियों पर ग्रहण लगा देते हैं आज बात उन्ही की करते हैं क्योंकि ये है समस्या घर घर की ...

एक वक्त था, जब किन्नरों का घर में आना खुशियों का आगमन माना जाता था। लोग किन्नरों को खुश होकर बधाई शुल्क देते थे। इसके लिए लोगों पर दबाव नहीं बनाया जाता था, उन्हें धमकियां नहीं दी जाती थीं। लेकिन अब सब बदल गया है। किन्नर लोगों की परेशानी का सबब बनने लगे हैं, और इसकी वजह है वो आतंक जो कि किन्नरों के हंगामे के साथ शुरू होता हैं । ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां मनमाना बधाई शुल्क ना मिलने पर किन्नरों ने बवाल काट दिया। लोग अब इनके आने से डरते हैं और इसकी वजह है ऊलजलूल डिमांड्स।

केस नंबर 1 – मई का पहला हफ्ता और जगह देहरादून का दिल राजपुर रोड जहाँ किन्नरों ने मचाया जमकर उत्पात ..  बीच सड़क पर किए गए हंगामे के कारण सड़क पर यातायात बाधित हुआ और पुलिस समेत आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना के चलते पुलिस ने चार किन्नरों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया संयुक्त नागरिक संगठन से जुड़ी सामाजिक संस्थाओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया।

केस नंबर 2  – अप्रैल 2024 और जगह कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र जहाँ बधाई मांगने के विवाद को लेकर किन्नरों के दो गुटों में विवाद हो गया. एक किन्नर ने मारपीट का आरोप रजनी रावत और उसके गुट के खिलाफ लगाया है. पीड़िता की तहरीर के आधार पर रजनी रावत और उसके गुट के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर और थाना बसंत विहार में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है. पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।

एक किन्नर ने शिकायत दर्ज कराई है कि पिथूवाला स्टेट बैंक कॉलोनी में बधाई मांगने गई थी. उसी दौरान वहां पर रजनी रावत गुट के लोग आ गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. साथ ही उसने आरोप लगाया है कि 30 से ज्यादा लोगों ने चाय बागान में बांध दिया और बुरी तरह से पीटा गया. उसका आरोप लगाया है कि मारपीट करने वाले लोगों के पास फोन आया और कहा गया कि पीड़िता के हाथ पैर तोड़कर वहीं बगीचे में डाल दो।

सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों ने कहा आमजन के साथ किन्नरों का आचरण चिंताजनक  है। बच्चे पैदा होने की खुशखबरी हो , घर बनाने का मौका हो या  पारिवारिक आयोजन .. देहरादून में  किन्नरों की ओर से की जा रही जबरन वसूली से लोग आतंकित हैं और असहाय महसूस कर रहे हैं। अक्सर संगठन हो या आम  नागरिकों का समूह ..  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार भी लगाते रहते हैं कि किन्नरों की ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने और नागरिकों को राहत देने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए।

दून में मनमानी बख्शीश ना मिलने पर किन्नरों के तमाशे की घटनाएं आम हो चली हैं। लोग इसे खुली लूट कहते हैं, हंगामे से डरे लोग फजीहत से बचने के लिए बजट से ज्यादा पैसे किन्नरों को दे देते हैं। ऐसे में बधाई शुल्क फिक्स हो गया तो किन्नरों की मनमानी पर रोक लगेगी। उनके आने पर मोलभाव करने और हंगामे की आशंका खत्म हो जाएगी। कुछ यही सोचकर नगर निगम ने इसके रेट भी तय किये थे लेकिन वो प्लान भी इस किन्नरों की गुंडई के आगे फेल साबित हुआ।

आपको याद दिला दें की नगर निगम के प्रस्ताव में किन्नरों को दिए जाने वाले बधाई शुल्क को फिक्स करने की बात शामिल थी । देहरादून नगर निगम ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला देश का पहला नगर निगम भी बन गया था दावा किया गया था कि बधाई शुल्क तय होगी और  निम्न वर्ग को बधाई के तौर पर किन्नरों को 500 रुपये, मध्य वर्ग को 1100 रुपये और उच्च वर्ग को 2100 रुपये देने होंगे। लेकिन क्या ऐसा हुआ ? क्या नागरिकों को राहत मिली ? क्या ये मकड़जाल टूटा ? चलिए लोगों से ही जान लेते हैं ?

Byte – स्थानीय नागरिक ,महिला , देहरादून

समस्या बड़ी भी है और गंभीर भी है .. आम लोगों के जेब से जुडी है लिहाजा संवेदशीलता के साथ किन्नरों के बेलगाम डिमांड्स पर अंकुश लगाना बेहद ज़रूरी है लेकिन क्या ऐसा सचमुच हो रहा है आइये जान लेते हैं —

Byte – एसएसपी , देहरादून

फाइनल —- बड़े-बड़े घरों में अश्लीलता और फूहड़ता के साथ अभद्र व्यवहार करना , आर्थिक स्थिति को नज़रअंदाज कर मनमानी बधाइयां वसूलना और सरे राह अमर्यादित व्यवहार करना जैसे इन किन्नरों ने अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ लिया हैं। देहरादून के ख़ास हो या आम .. लोगों की ये समस्या किसी आफत से काम नहीं है और इसका भुक्तभोगी ही इस वसूली गैंग के आतंक का दर्द महसूस कर सकता है ऐसे में तत्काल इस बेलगाम किन्नर गैंग पर सख्त और प्रभावी एक्शन लेने की हिम्मत जिला प्रशासन और नगर निगम को दिखानी चाहिए ।

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