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पैठाणी में “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत 100 फलदार वृक्षों का रोपण

पैठाणी/ पौड़ी : अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत पैठाणी के यूसीएफ मिलेट्स गोदाम परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत एक महत्वपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 100 फलदार और जंगली पौधों का रोपण किया गया। योजना का विवरण माननीय सहकारिता मंत्री …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 02 जून, 2025
पैठाणी में “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत 100 फलदार वृक्षों का रोपण

पैठाणी/ पौड़ी : अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत पैठाणी के यूसीएफ मिलेट्स गोदाम परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” योजना के तहत एक महत्वपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 100 फलदार और जंगली पौधों का रोपण किया गया।

योजना का विवरण

माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशानुसार, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ द्वारा प्रदेश भर में बड़े स्तर पर फलदार और छायादार वृक्ष रोपण किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का एक अनूठा संयोजन है।

रोपित पौधों की प्रजातियां

कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रजातियों के पौधे लगाए गए:

  • खुमानी
  • आड़ू
  • सेब
  • बांझ
  • उतीस
  • देवदार
  • नारंगी
  • काफल

मुख्य अतिथि एवं वक्ता

कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी सहकारिता आशीष नेगी ने की। विशिष्ट अतिथि  विजय रौथाण, मंडल अध्यक्ष भाजपा पैठाणी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित किया और सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। रौथाण ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सहकारिता विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और विकास कार्यों में सहयोग करें।

प्रतिभागी गणमान्य व्यक्ति

संघ द्वारा आयोजित इस गोष्ठी में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया:

प्रधान गण:

  •  सर्वेश्वरी देवी (प्रधान पल्ली)
  • गलेश्वरी देवी (प्रधान दरमोली)
  •  रमेश नौटियाल (प्रधान सिरतोली)
  •  प्रदीप वर्तवाल (प्रधान बनास)
  •  कमल कंडवाल (प्रधान कनाकोट)

अन्य प्रतिभागी:

  •  बीरेंद्र कंडारी (क्षेत्र पंचायत सदस्य पैठाणी)
  • जिला उद्यम वेग विकास परियोजना के कर्मचारी
  • महिला मंगल दल के सदस्य
  • स्थानीय ग्रामीण समुदाय

कार्यक्रम संचालन

कार्यक्रम का कुशल संचालन आनंद रावत (UCF) द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।

पर्यावरणीय महत्व

यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्थानीय समुदाय को फलदार वृक्षों से आर्थिक लाभ भी प्रदान करेगी। देवदार, बांझ जैसे वन्य प्रजातियों के रोपण से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र भी मजबूत होगा।

यह कार्यक्रम सहकारिता की भावना और पर्यावरण चेतना के संयोजन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

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